उत्तराखंड बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट जारी, टॉपर्स लिस्ट और स्कोर देखें

Sat 25-Apr-2026,12:48 PM IST +05:30

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उत्तराखंड बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट जारी, टॉपर्स लिस्ट और स्कोर देखें UBSE-Uttarakhand-Board-10th-12th-Result-2026
  • उत्तराखंड बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित किए, छात्र आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर के माध्यम से आसानी से ऑनलाइन रिजल्ट चेक कर सकते हैं।

  • 10वीं में अक्षत गोयल ने 491 अंक के साथ टॉप किया, जबकि 12वीं में गीतिका पंत और सुशीला मेहंदीरत्ता संयुक्त रूप से टॉपर रहीं।

  • जो छात्र पास नहीं हो पाए हैं, उनके लिए बोर्ड ने कंपार्टमेंट परीक्षा का विकल्प दिया है, जिससे वे अपने अंक सुधार सकते हैं।

Uttarakhand / Dehradun :

Uttarakhand/ उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षाओं का इंतजार खत्म हो गया है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड (UBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए हैं। 25 अप्रैल सुबह 10 बजे रामनगर, नैनीताल स्थित बोर्ड मुख्यालय से रिजल्ट जारी किया गया। इस साल लाखों छात्रों और अभिभावकों को जिस पल का इंतजार था, वह अब खत्म हो चुका है और छात्र अपनी मेहनत का परिणाम ऑनलाइन देख सकते हैं।

छात्र अपने परिणाम uaresults.nic.in और ubse.uk.gov.in पर जाकर आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके अलावा DigiLocker और अन्य रिजल्ट पोर्टल्स जैसे Sarkari Result और India Result के माध्यम से भी परिणाम देखे जा सकते हैं। रिजल्ट चेक करने के लिए छात्रों को केवल अपना रोल नंबर दर्ज करना होगा।

इस वर्ष कक्षा 10वीं में शानदार प्रदर्शन करते हुए अक्षत गोयल ने 500 में से 491 अंक हासिल कर पूरे राज्य में टॉप किया है। वहीं कक्षा 12वीं में गीतिका पंत और सुशीला मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया है। दोनों छात्राओं ने 500 में से 490 अंक हासिल कर बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

बोर्ड अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से टॉपर्स के नामों की घोषणा की और छात्रों के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। इस बार परिणामों में कई छात्रों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए हैं, जिससे राज्य में शिक्षा स्तर में सुधार का संकेत मिलता है।

जो छात्र किसी कारणवश उत्तीर्ण नहीं हो पाए हैं, उनके लिए बोर्ड ने कंपार्टमेंट परीक्षा का विकल्प भी उपलब्ध कराया है। इसके जरिए छात्र अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं और अपने शैक्षणिक वर्ष को बचा सकते हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए परिणाम जारी करने से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक हो गई है। इससे छात्रों को समय पर जानकारी मिलती है और किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती। कुल मिलाकर, इस वर्ष का परिणाम छात्रों की मेहनत और शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। अब सफल छात्र अपने भविष्य की दिशा तय करने में जुट जाएंगे।