1 दिसंबर, विश्व एड्स दिवस 2025: “ब्रेकिंग बैरियर्स” थीम के साथ भारत HIV प्रतिक्रिया को मजबूत कर रहा
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भारत 2025 World AIDS Day पर जागरूकता बढ़ाने, भेदभाव खत्म करने और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए HIV उपचार की पहुंच मजबूत बनाने पर विशेष जोर दे रहा है।
“Breaking Barriers, Improving Response” थीम के तहत सरकार सामुदायिक HIV टेस्टिंग, ART सेवा विस्तार और सोशल मीडिया अभियानों को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ा रही है।
राज्यों में स्कूलों, कॉलेजों और उच्च-जोखिम समुदायों के लिए व्यापक स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे रोकथाम और उपचार दोनों को बढ़ावा मिले।
नई दिल्ली / भारत 1 दिसंबर 2025 को विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day 2025) मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस वर्ष की वैश्विक थीम “Breaking Barriers, Improving Response” है, जिसका उद्देश्य HIV/AIDS से जुड़ी सामाजिक बाधाओं, भेदभाव और स्वास्थ्य-सेवा तक पहुंच में आने वाली असमानताओं को समाप्त करना है। भारत सरकार ने इस थीम को राष्ट्रीय स्वास्थ्य रणनीति के केंद्र में रखते हुए व्यापक जागरूकता अभियान, सामुदायिक भागीदारी, और डिजिटल स्वास्थ्य पहलों पर जोर दिया है।
भारत में HIV की स्थिति
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के अनुसार, भारत में लगभग 23 लाख लोग HIV के साथ जीवन बिता रहे हैं। हाल के वर्षों में जांच, उपचार और काउंसलिंग सुविधाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) के विस्तार से लाखों मरीजों को जीवन-रक्षक इलाज मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है। 2025 में सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग HIV टेस्टिंग और उपचार सेवाओं से जुड़ें।
2025 की प्रमुख पहलें
इस साल सामुदायिक आधारित HIV टेस्टिंग मॉडल, मोबाइल हेल्थ यूनिट्स और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूलों, कॉलेजों, औद्योगिक संस्थानों और शहरी-बस्तियों में विशेष जागरूकता अभियान चलाएँ।
युवा वर्ग, ट्रांसजेंडर समुदाय, महिला समूह और प्रवासी मजदूरों पर विशेष फोकस रखा गया है। इसके अलावा, सरकार ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यापक #BreakingBarriersIndia अभियान शुरू किया है, जिसमें रोकथाम, सुरक्षित व्यवहार और समय पर उपचार से जुड़ी जानकारी दी जा रही है।
भेदभाव खत्म करने की दिशा में प्रयास
एड्स से जुड़े कलंक और भेदभाव आज भी बड़ा सामाजिक अवरोध है। “Breaking Barriers, Improving Response” थीम इसी दिशा में संवेदनशीलता और समावेशिता को बढ़ावा देती है। कई राज्य सरकारों ने अस्पतालों और सार्वजनिक संस्थानों में एंटी-डिस्क्रिमिनेशन नियमों को मजबूत किया है।
स्वयंसेवी संगठन (NGOs) समुदाय-आधारित सहयोग समूहों, परामर्श सत्रों और मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर जोर दे रहे हैं।
वैज्ञानिक प्रगति
भारत HIV वैक्सीन अनुसंधान में भी महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। 2025 में कई नई प्री-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PrEP) दवाओं और इंजेक्टेबल उपचारों की उपलब्धता बढ़ी है, जो संक्रमण की रोकथाम में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि ये उन्नत उपचार दूरदराज के क्षेत्रों में भी पहुंचें।
2025 का World AIDS Day भारत के लिए सिर्फ एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि HIV-मुक्त समाज की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने का अवसर है। “Breaking Barriers, Improving Response” थीम यह संदेश देती है कि केवल दवाओं और इलाज से नहीं, बल्कि सामाजिक स्वीकृति, जागरूकता और समान सहभागिता से ही HIV/AIDS पर पूर्ण नियंत्रण संभव है।