1 मार्च से WhatsApp पर SIM बाइंडिंग अनिवार्य
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Sim-Binding-Whatsapp-India-March-1-Rule
1 मार्च से लागू नए टेलीकॉम नियमों के तहत मैसेजिंग ऐप्स पर SIM बाइंडिंग वेरिफिकेशन अनिवार्य, फर्जी अकाउंट पर लगेगा अंकुश।
WhatsApp समय-समय पर रजिस्टर्ड भारतीय नंबर के सक्रिय SIM की जांच करेगा, असंगति मिलने पर अकाउंट एक्सेस सीमित किया जाएगा।
Delhi/ भारत में डिजिटल संचार के तरीके में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। केंद्र सरकार साइबर फ्रॉड, फर्जी अकाउंट और ऑनलाइन स्कैम पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठा रही है। इसी दिशा में 1 मार्च से नए टेलीकॉम सुरक्षा नियम लागू होंगे, जिनके तहत मैसेजिंग ऐप्स को SIM बाइंडिंग वेरिफिकेशन अनिवार्य करना होगा। इसके तहत यूजर्स को अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर वाला सिम उसी डिवाइस में सक्रिय रखना जरूरी होगा, तभी वे बिना रुकावट सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे।
सरकार द्वारा जारी टेलीकॉम (साइबर सिक्योरिटी) नियम, 2024 के तहत यह नया प्रावधान लागू किया जा रहा है। इन नियमों के अनुरूप WhatsApp भारतीय यूजर्स के लिए SIM बाइंडिंग वेरिफिकेशन फीचर लाने की तैयारी में है। फीचर ट्रैकर WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.26.8.6 में इस फीचर से संबंधित पॉप-अप मैसेज देखा गया है।
इस फीचर के तहत यदि किसी यूजर ने +91 भारतीय नंबर से अकाउंट बनाया है, तो ऐप समय-समय पर यह जांच करेगा कि वही सिम कार्ड संबंधित फोन में मौजूद और सक्रिय है या नहीं। यह केवल एक बार की प्रक्रिया नहीं होगी, बल्कि नियमित अंतराल पर वेरिफिकेशन किया जाएगा।
यदि सिस्टम को पता चलता है कि रजिस्टर्ड सिम डिवाइस में मौजूद नहीं है, तो अकाउंट का एक्सेस सीमित किया जा सकता है। हालांकि पुरानी चैट और डेटा सुरक्षित रहेंगे, लेकिन नए मैसेज तब तक प्राप्त नहीं होंगे जब तक सिम दोबारा वेरिफाई न हो जाए।
सरकार ने नवंबर 2025 में जारी निर्देशों में स्पष्ट किया था कि WhatsApp के साथ-साथ Signal और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म को भी प्रत्येक अकाउंट को सक्रिय सिम से जोड़ना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे मोबाइल नंबर के दुरुपयोग और डिजिटल ठगी के मामलों में कमी आएगी।
इसके अलावा, वेब और डेस्कटॉप वर्जन को हर छह घंटे में ऑटो-लॉगआउट करना होगा। दोबारा लॉगिन के लिए QR कोड स्कैन करना अनिवार्य होगा। हालांकि कुछ डिजिटल राइट्स संगठनों ने इस कदम पर चिंता जताई है और कहा है कि विदेश यात्रा या फोन रिपेयर की स्थिति में यूजर्स को असुविधा हो सकती है।