पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की टीम ने 9 विकेट के नुकसान पर 164 रन बनाए। शुरुआत कुछ संभली हुई रही, लेकिन बीच के ओवरों में नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। साहिबजादा फरहान ने जिम्मेदारी संभालते हुए 63 रनों की शानदार पारी खेली और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके। इंग्लैंड की ओर से लियाम डॉसन ने प्रभावशाली गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके और पाकिस्तान को 200 के आंकड़े तक पहुंचने से रोक दिया।
165 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। पहली ही गेंद पर फिल सॉल्ट बिना खाता खोले शाहीन अफरीदी का शिकार बन गए। इसके बाद जोस बटलर भी केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शाहीन अफरीदी की तेज और सटीक गेंदबाजी ने इंग्लैंड को शुरुआती झटके दिए। जैकब बेथल भी 8 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे इंग्लैंड की स्थिति दबाव में आ गई।
ऐसे मुश्किल समय में कप्तान हैरी ब्रूक टीम के लिए संकटमोचक बनकर उभरे। चार विकेट गिरने के बाद उन्होंने संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। ब्रूक ने केवल 28 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और टीम को मुकाबले में बनाए रखा। सैम करन 16 रन बनाकर उस्मान तारिक का शिकार हुए, लेकिन ब्रूक एक छोर संभाले रहे।
ब्रूक ने 50 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया, जो दबाव भरे मुकाबले में एक असाधारण उपलब्धि रही। उनकी पारी में बेहतरीन टाइमिंग, आत्मविश्वास और मैच को पढ़ने की समझ साफ नजर आई। उन्होंने न सिर्फ रन बनाए बल्कि दूसरे छोर से गिरते विकेटों के बीच टीम को संभाले रखा। आखिरकार इंग्लैंड ने 2 विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। कप्तान हैरी ब्रूक की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी, क्योंकि उन्होंने मुश्किल हालात में नेतृत्व की मिसाल पेश की। वहीं पाकिस्तान की टीम को करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन फरहान की पारी उनके लिए सकारात्मक संकेत जरूर रही। कुल मिलाकर, यह मुकाबला सुपर-8 चरण के सबसे रोमांचक मैचों में से एक साबित हुआ।