कोलकाता में 5.5 तीव्रता का भूकंप: बांग्लादेश में केंद्र, दहशत में लोग घरों-दफ्तरों से बाहर निकले
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Kolkata Earthquake
रिक्टर स्केल पर 5.5 तीव्रता का भूकंप.
बांग्लादेश में रहा भूकंप का केंद्र.
जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं.
Kolkata / कोलकाता में अचानक आए भूकंप के झटकों ने शहरवासियों को कुछ पलों के लिए सहमा दिया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.5 दर्ज की गई। झटके भले ही कुछ सेकंड तक रहे, लेकिन उनका असर इतना था कि लोग घबराकर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने ज्यादा कंपन महसूस किया। फर्नीचर हिलने लगा, छत के पंखे डगमगाने लगे और कुछ दफ्तरों में कर्मचारी तुरंत सीढ़ियों से नीचे उतरकर खुले स्थानों पर जमा हो गए।
शहर के अलग-अलग हिस्सों से ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें लोग इमारतों के बाहर खड़े दिखाई दे रहे हैं। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र बांग्लादेश में था, जो कोलकाता से करीब 100 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। बताया जा रहा है कि यह जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे झटके आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए।
भूकंप आखिर आता क्यों है? दरअसल, पृथ्वी की सतह कई टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी है, जो धरती के अंदर मौजूद गर्मी के कारण बहुत धीमी गति से लगातार खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे से दूर जाती हैं या रगड़ खाती हैं, तो उनके किनारों पर भारी दबाव बनता है। यह दबाव लंबे समय तक जमा होता रहता है। जब चट्टानें इस दबाव को सहन नहीं कर पातीं, तो वे अचानक टूट जाती हैं या खिसक जाती हैं। इसी प्रक्रिया में बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, जो भूकंपीय तरंगों के रूप में फैलती है।
जब ये तरंगें जमीन की सतह तक पहुंचती हैं, तो धरती हिलती हुई महसूस होती है और हमें भूकंप के झटके महसूस होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना और अफवाहों से बचना जरूरी है। फिलहाल कोलकाता में स्थिति सामान्य होती दिख रही है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।