प्रदेशभर में अपना दल (एस) ने मनाई जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती
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Apna Dal S Karpoori Thakur Jayanti
अपना दल (एस) ने प्रदेश के सभी जिलों में जयंती कार्यक्रम आयोजित किए.
अनुप्रिया पटेल की पहल से कर्पूरी ठाकुर को मिला भारत रत्न.
सामाजिक न्याय और समानता के संकल्प को दोहराया गया.
Bhopal / सामाजिक न्याय के अग्रदूत और भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती अपना दल (एस) मध्य प्रदेश इकाई द्वारा पूरे प्रदेश में श्रद्धा, सम्मान और गरिमा के साथ मनाई गई। यह आयोजन पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के निर्देशानुसार तथा राष्ट्रीय महासचिव और मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कर्पूरी ठाकुर जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया और उनके विचारों को याद किया गया।
इंदौर स्थित पार्टी कार्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम ने किया। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर जननायक कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन, सादगी और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
राष्ट्रीय महासचिव आर. बी. सिंह पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना सामाजिक न्याय की लड़ाई में एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने बताया कि अपना दल (एस) की नेता और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने संसद के पटल पर कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न दिए जाने की सशक्त अनुशंसा की थी। उसी प्रयास का परिणाम रहा कि अगस्त 2024 में भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा।
आर. बी. सिंह पटेल ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी ने अपना पूरा जीवन वंचितों, शोषितों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने सामाजिक न्याय को केवल नारे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि नीतियों और निर्णयों के माध्यम से जमीन पर उतारा। आरक्षण के उप-वर्गीकरण का उनका निर्णय समाज के सबसे पिछड़े वर्गों तक वास्तविक लाभ पहुंचाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम था। इसके साथ ही अंत्योदय योजना लागू कर गरीबों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराना उनकी जनकल्याणकारी सोच का उदाहरण है।
उन्होंने यह भी कहा कि मैट्रिक परीक्षा में अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त कर हिंदी को बढ़ावा देना कर्पूरी ठाकुर का ऐसा निर्णय था, जिसने ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। यह कदम उन लाखों छात्रों के लिए वरदान साबित हुआ, जो भाषा की बाधा के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे थे।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में कर्पूरी ठाकुर जी के जीवन, विचारों और संघर्षों पर चर्चा की गई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सामाजिक समानता, न्याय और समरसता की लड़ाई को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
गौरतलब है कि अपना दल (एस) मध्य प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। जिलेवार दौरे, संगोष्ठियों और दूरभाष संपर्क के माध्यम से पार्टी प्रदेशवासियों को अपनी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है। जयंती के अवसर पर भी कार्यकर्ताओं ने अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने और सामाजिक न्याय के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।