CBSE का बड़ा फैसला: 10वीं-12वीं कंपार्टमेंट छात्रों को मिलेंगे तीन मौके

Mon 09-Mar-2026,11:57 AM IST +05:30

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CBSE का बड़ा फैसला: 10वीं-12वीं कंपार्टमेंट छात्रों को मिलेंगे तीन मौके CBSE-Compartment-Exam-Three-Chances
  • 12वीं के छात्रों को जुलाई में आयोजित कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा, असफल रहने पर पूरी कक्षा की परीक्षा दोबारा देनी होगी।

  • 10वीं के छात्रों को मई की दूसरी बोर्ड परीक्षा, जुलाई कंपार्टमेंट परीक्षा और अगले वर्ष की मुख्य परीक्षा में पास होने के तीन अवसर मिलेंगे।

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Raipur/ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से जुड़े 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बोर्ड के नियमों के अनुसार यदि किसी छात्र को किसी विषय में कंपार्टमेंट मिलता है, तो उसे पास होने के लिए तीन अवसर दिए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा में असफल होने के बाद भी सुधार का मौका देना है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और एक ही विषय के कारण उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।

Central Board of Secondary Education के नियमों के अनुसार 10वीं कक्षा के छात्रों को कंपार्टमेंट की स्थिति में पास होने के लिए तीन अवसर मिलेंगे। पहला अवसर मई में आयोजित होने वाली दूसरी बोर्ड परीक्षा में मिलेगा। यदि छात्र इसमें सफल नहीं हो पाते हैं, तो उन्हें जुलाई में होने वाली कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।

इसके बाद भी यदि छात्र पास नहीं हो पाते हैं, तो उन्हें तीसरा अवसर अगले वर्ष आयोजित होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा में मिलेगा। इस तरह छात्र को एक विषय में सुधार के लिए पर्याप्त समय और अवसर प्रदान किया जाता है।

वहीं 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए व्यवस्था थोड़ी अलग है। यदि किसी छात्र को कंपार्टमेंट मिलता है, तो वह जुलाई में आयोजित होने वाली कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल हो सकता है। इस परीक्षा के माध्यम से छात्र उस विषय में पास होने का प्रयास कर सकते हैं।

हालांकि बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि छात्र इन तीनों अवसरों में भी पास नहीं हो पाते हैं, तो उन्हें अगली बार उसी कक्षा की सभी विषयों की परीक्षाएं दोबारा देनी होंगी। यानी उन्हें पूरी कक्षा को फिर से दोहराना पड़ेगा।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था छात्रों को असफलता से उबरने और अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाने का एक बेहतर मौका देती है। इससे छात्रों पर मानसिक दबाव भी कम होता है और वे बेहतर तैयारी के साथ अगली परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।