पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत अलर्ट, 9 मार्च को 50 उड़ानों की योजना

Mon 09-Mar-2026,12:26 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत अलर्ट, 9 मार्च को 50 उड़ानों की योजना India-West-Asia-Flight-Operations-Update
  • 9 मार्च 2026 के लिए भारतीय एयरलाइंस लगभग 50 उड़ानें संचालित करने की तैयारी में हैं और टिकट कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी रोकने के लिए निगरानी जारी है।

  • पश्चिम एशिया में तनाव के बीच नागर विमानन मंत्रालय ने भारत और क्षेत्र के बीच उड़ानों पर कड़ी निगरानी रखते हुए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

/ :

Delhi/ पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारत सरकार ने हवाई यात्रा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि वह क्षेत्र में विकसित हो रही परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है, क्योंकि इसका सीधा असर भारत और पश्चिम एशिया के बीच हवाई सेवाओं पर पड़ सकता है। यात्रियों की सुरक्षा और उड़ानों के सुचारू संचालन को प्राथमिकता देते हुए एयरलाइंस वर्तमान हालात के अनुसार अपने परिचालन में आवश्यक बदलाव कर रही हैं।

Ministry of Civil Aviation के अनुसार 7 मार्च 2026 को भारत की विमानन कंपनियों द्वारा संचालित कुल 51 उड़ानें पश्चिम एशिया से भारत पहुंचीं। इन उड़ानों में कुल 8,175 यात्री सवार थे। यह आंकड़े बताते हैं कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद दोनों क्षेत्रों के बीच हवाई यातायात अभी भी जारी है, हालांकि एयरलाइंस को परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने पड़ रहे हैं।

8 मार्च 2026 के लिए प्रमुख भारतीय एयरलाइनों ने संयुक्त रूप से 49 आगमन उड़ानें संचालित करने की योजना बनाई थी। इनमें Air India, Air India Express, IndiGo, SpiceJet और Akasa Air शामिल हैं। इन उड़ानों का संचालन दुबई, अबू धाबी, रस अल खैमाह, फुजैरा, मस्कट और जेद्दा जैसे प्रमुख हवाई अड्डों से किया जाना तय किया गया था।

मंत्रालय के अनुसार 9 मार्च 2026 के लिए भारतीय एयरलाइंस लगभग 50 उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही हैं। यह निर्णय मौजूदा परिस्थितियों और परिचालन व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। एयरलाइंस लगातार क्षेत्र के अन्य हवाई अड्डों की जमीनी स्थिति का आकलन कर रही हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर वहां से भी उड़ानें संचालित की जा सकें।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही मंत्रालय एयरलाइंस और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लिया जा सके।

इसके अलावा टिकट कीमतों को लेकर भी सरकार सतर्क है। मंत्रालय ने कहा है कि हवाई किरायों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि इस दौरान टिकटों की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ानों से संबंधित ताजा जानकारी के लिए अपनी-अपनी एयरलाइनों से संपर्क में रहें। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति के अनुसार समय-समय पर आवश्यक जानकारी साझा की जाएगी।