खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर में तनाव, स्कूल-कॉलेज बंद, प्रदर्शन तेज

Sun 01-Mar-2026,10:04 PM IST +05:30

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खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर में तनाव, स्कूल-कॉलेज बंद, प्रदर्शन तेज Kashmir Protest News
  • खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर में प्रदर्शन.

  • स्कूल-कॉलेज बंद, परीक्षा स्थगित.

  • मुख्यमंत्री की शांति बनाए रखने की अपील.

Jammu and Kashmir / Srinagar :

Kashmir / ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर, खासकर कश्मीर घाटी और लद्दाख के कुछ हिस्सों में माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। श्रीनगर के पुराने शहर (डाउनटाउन), बडगाम और बारामुला जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने शोक जताते हुए नारेबाजी की, जिससे कई जगहों पर यातायात प्रभावित हुआ और बाजारों में सन्नाटा पसर गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कश्मीर के सभी स्कूल और कॉलेज अगले दो दिनों के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया है। स्थानीय धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने इस घटना के विरोध में पूर्ण ‘बंद’ का आह्वान किया है। ऐसे में व्यापारिक प्रतिष्ठानों के भी बंद रहने की संभावना जताई जा रही है।

रविवार को श्रीनगर में कश्मीरी शिया समुदाय के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए और मार्च करते हुए लाल चौक पहुंचे। वहां उन्होंने खामेनेई की मौत के विरोध में प्रदर्शन किया। सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है, ताकि हालात नियंत्रण में रहें और किसी तरह की हिंसा न भड़के।

इसी बीच जम्मू-कश्मीर सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (जेकेएसएसबी) ने भी एक अहम फैसला लिया। गृह विभाग में लैबोरेटरी अटेंडेंट के पद के लिए होने वाली ओएमआर आधारित लिखित परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। नोटिफिकेशन में कहा गया कि 22 जुलाई 2025 को जारी विज्ञापन के तहत यह परीक्षा रविवार को होनी थी, लेकिन अब इसे टाल दिया गया है। नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी। हालांकि परीक्षा स्थगित करने का कारण आधिकारिक रूप से नहीं बताया गया, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए यह फैसला लिया गया माना जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष पर चिंता जताई और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा गया कि सभी समुदाय संयम बरतें और ऐसा कोई कदम न उठाएं, जिससे तनाव या अशांति बढ़े। साथ ही यह भी बताया गया कि जम्मू-कश्मीर सरकार भारतीय विदेश मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि ईरान में रह रहे जम्मू-कश्मीर के नागरिकों, जिनमें छात्र भी शामिल हैं, की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

वहीं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे इतिहास का दुखद और शर्मनाक मोड़ बताते हुए अमेरिका और इजरायल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह बनेगा कि किसने न्याय के लिए आवाज उठाई और किसने चुप्पी साधी।

कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का असर जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रशासन शांति बनाए रखने की कोशिश में जुटा है, जबकि राजनीतिक नेतृत्व लोगों से संयम बरतने की अपील कर रहा है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।