आहार 2026 में एपीडा ने दिखाया भारत का कृषि निर्यात सामर्थ्य

Wed 11-Mar-2026,04:08 PM IST +05:30

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आहार 2026 में एपीडा ने दिखाया भारत का कृषि निर्यात सामर्थ्य Apeda-Aahar-2026-Agri-Export-India
  • आहार 2026 में एपीडा ने विशेष मंडप के जरिए भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की निर्यात क्षमता और वैश्विक बाजार में बढ़ती भागीदारी को प्रदर्शित किया।

  • एपीडा पवेलियन में 100 से अधिक प्रदर्शकों ने बासमती चावल, जैविक उत्पाद और प्लांट-बेस्ड फूड जैसे निर्यात उत्पादों का प्रदर्शन किया।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को वैश्विक मंच पर मजबूती देने के उद्देश्य से Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (एपीडा) ने नई दिल्ली में आयोजित AAHAR 2026 के 40वें संस्करण में सक्रिय भागीदारी की। India Trade Promotion Organisation द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय खाद्य और आतिथ्य मेले में एपीडा ने एक विशेष मंडप के माध्यम से भारत की कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात क्षमताओं को प्रदर्शित किया, जिसमें देशभर के निर्यातकों, स्टार्टअप, राज्य एजेंसियों और उद्योग प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान किया गया।

नई दिल्ली के Bharat Mandapam में 10 से 14 मार्च 2026 तक आयोजित इस मेले का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने किया। कार्यक्रम के ऐतिहासिक 40वें संस्करण में इटली को कंट्री पार्टनर के रूप में शामिल किया गया। उद्घाटन समारोह में इटली दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विभिन्न देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

अपने संबोधन में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का कृषि और खाद्य क्षेत्र वैश्विक अवसरों के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि भारत से कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का निर्यात अब सालाना 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। पिछले दशक में प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, फलों, दालों और सब्जियों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो देश के किसानों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की क्षमता को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत के बढ़ते मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) नेटवर्क ने कृषि और खाद्य उत्पादों के निर्यात के लिए नए अवसर खोले हैं। भारत ने जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम, ओमान और मॉरीशस जैसे देशों के साथ व्यापारिक सहयोग को मजबूत किया है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड और अन्य ईएफटीए देशों के साथ हुए समझौतों से भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों में बेहतर पहुंच मिल रही है।

इस अवसर पर एपीडा पवेलियन का उद्घाटन वाणिज्य विभाग के अपर सचिव Nitin Kumar Yadav ने किया। उनके साथ एपीडा के अध्यक्ष Abhishek Dev और आईटीपीओ के प्रबंध निदेशक Neeraj Khairwal भी मौजूद रहे। पवेलियन ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तथा निर्यातकों के बीच संवाद और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

इस दौरान एपीडा ने आईसीआरआईईआर के सहयोग से ककड़ी, काजू, अनानास और अनार पर आधारित शोध रिपोर्ट भी जारी की। इन रिपोर्टों में वैश्विक बाजारों में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए आपूर्ति श्रृंखला, निर्यात क्षमता और रणनीतियों पर विस्तृत जानकारी दी गई है।

इसके अलावा एपीडा ने भारतीय पैकेजिंग संस्थान के सहयोग से चयनित कृषि उत्पादों के लिए विशेष पैकेजिंग डिजाइन और तकनीकी मानकों की शुरुआत की घोषणा की। यह पहल खासतौर पर जीआई टैग और जैविक उत्पादों के संरक्षण, शेल्फ लाइफ और निर्यात प्रस्तुति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

करीब 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले एपीडा पवेलियन में देशभर के 100 से अधिक प्रदर्शकों ने भाग लिया। इसमें बासमती चावल, गैर-बासमती चावल, जैविक उत्पाद और पौधे आधारित खाद्य उत्पादों जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों को प्रदर्शित किया गया। विशेष रूप से प्लांट-बेस्ड फूड उत्पादों पर आधारित प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत किए गए।

आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों ने अपने-अपने मंडपों में क्षेत्रीय कृषि उत्पादों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन किया।

आहार 2026 दक्षिण एशिया के सबसे बड़े बी2बी खाद्य और आतिथ्य प्लेटफार्मों में से एक माना जाता है। इस पांच दिवसीय आयोजन में एक लाख से अधिक आगंतुकों के शामिल होने की उम्मीद है, जिससे भारत के कृषि-खाद्य क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है।