Jharkhand / Ranchi : Ranchi / राज्य में नगर निकाय चुनाव के तहत सुबह 7 बजे मतदान की शुरुआत हुई और शाम 5 बजे तक प्रक्रिया आधिकारिक रूप से पूरी हो गई। कागजों पर यह मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन जमीनी हकीकत ने लोकतंत्र की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने रख दीं। एक ओर राजधानी रांची सहित कई जिलों में मतदाताओं का उत्साह देखने लायक था। सुबह से ही बूथों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
दूसरी ओर, कई जिलों से हिंसा, बोगस वोटिंग और हंगामे की खबरों ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। बोकारो के चास में बूथ पर बवाल और मारपीट की घटना में चास डीएसपी प्रवीण सिंह घायल हो गए। भोजपुर कॉलोनी क्षेत्र में बोगस वोटिंग के आरोप में तीन महिलाओं को हिरासत में लिया गया। गिरिडीह के बूथ संख्या 4 पर समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया।
धनबाद के वार्ड 27 और वार्ड 22 में भी हंगामे की घटनाएं सामने आईं। वार्ड 22 में बूथ लूटने की कोशिश और एक पार्षद प्रत्याशी के भाई के साथ मारपीट ने स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया। जमशेदपुर के जुगसलाई क्षेत्र में बोगस वोटिंग के आरोपों को लेकर समर्थकों ने विरोध जताया, जिसके कारण लगभग एक घंटे तक मतदान बाधित रहा।
पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में निकाय चुनाव के विरोध में कोल्हान बंद बुलाया गया। चांडिल में हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में भी मतदान के दौरान मारपीट की घटना सामने आई। वहीं साहिबगंज में चुनाव ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड जवान की राइफल से गलती से गोली चल जाने से कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई, हालांकि स्थिति जल्द ही नियंत्रण में ले ली गई।
गुमला जिले के अंबेडकर नगर मतदान केंद्र (वार्ड संख्या 4) पर दो गुटों के बीच शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और मतदान प्रक्रिया को दोबारा सुचारु कराया।
दिनभर की इन घटनाओं के बीच पुलिस और प्रशासन लगातार सक्रिय रहे। कई स्थानों पर त्वरित हस्तक्षेप कर स्थिति को काबू में किया गया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान प्रक्रिया को अंततः पूरा कराया गया। यह चुनाव एक ओर जहां लोकतांत्रिक भागीदारी का उत्सव साबित हुआ, वहीं दूसरी ओर कुछ स्थानों पर हुई घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया की चुनौतियों को भी उजागर कर दिया।