श्रीलंकाई नेवी ने 12 भारतीय मछुआरे पकड़े, IMBL पार करने का आरोप
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Indian Fishermen Arrested
12 भारतीय मछुआरे श्रीलंकाई नेवी की हिरासत में.
IMBL पार करने का आरोप, नाव भी जब्त.
मछुआरा समुदाय में बढ़ी चिंता, समाधान की मांग.
Sri Lanka / तमिलनाडु और पुडुचेरी के मछुआरों के लिए एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। श्रीलंकाई नेवी ने 11 अप्रैल की देर रात 12 भारतीय मछुआरों को हिरासत में ले लिया। इनमें तमिलनाडु के पांच मछुआरे भी शामिल हैं। इन सभी पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) पार करने का आरोप लगाया गया है।
जानकारी के मुताबिक, ये मछुआरे 10 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे कराईकल फिशिंग हार्बर से एक मोटर बोट लेकर समुद्र में मछली पकड़ने निकले थे। यह बोट पुडुचेरी के कराईकल जिले के किलिंजलमेडु इलाके के निवासी वीरवेल की बताई जा रही है। मछली पकड़ते-पकड़ते उनकी नाव करीब 60 नॉटिकल मील दूर चली गई, जहां वे कथित तौर पर श्रीलंकाई समुद्री सीमा में प्रवेश कर गए। इसके बाद श्रीलंकाई नेवी ने कार्रवाई करते हुए नाव को जब्त कर लिया और सभी मछुआरों को हिरासत में ले लिया।
श्रीलंकाई नेवी ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि यह ऑपरेशन 11 अप्रैल की देर रात किया गया। जाफना के कराईनगर क्षेत्र के कोविलम के पास इन मछुआरों को पकड़ा गया, जहां वे कथित रूप से अवैध मछली पकड़ रहे थे। इसके बाद सभी को कांकेसंथुरई हार्बर लाया गया, जहां उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हिरासत में लिए गए मछुआरों में नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई और कराईकल जिलों के कई लोग शामिल हैं। ये सभी अपने परिवारों की आजीविका के लिए समुद्र में मछली पकड़ने पर निर्भर हैं। इस घटना के बाद उनके परिवारों में चिंता और भय का माहौल है।
गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 8 अप्रैल को भी श्रीलंकाई नेवी ने 10 भारतीय मछुआरों को हिरासत में लिया था और उनके ट्रॉलर को जब्त कर लिया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक श्रीलंकाई अधिकारियों ने 16 भारतीय मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर जब्त किए हैं और 112 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से मछुआरा समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
इस समस्या की एक बड़ी वजह समुद्र में स्पष्ट सीमा चिह्नों का अभाव और भारतीय जल क्षेत्र में मछलियों की घटती संख्या है। इसी कारण मछुआरे बेहतर पकड़ की तलाश में अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास या उसे पार कर जाते हैं। वहीं, श्रीलंका अपनी समुद्री सीमाओं में अवैध मछली पकड़ने, खासकर बॉटम ट्रॉलिंग, के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।
इस पूरे मामले को लेकर मछुआरा संगठनों ने तमिलनाडु सरकार और केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि हिरासत में लिए गए मछुआरों और उनकी नावों को जल्द से जल्द रिहा कराया जाए। साथ ही, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भारत और श्रीलंका के बीच स्थायी और व्यावहारिक समाधान निकालने की जरूरत बताई गई है।
यह मुद्दा सिर्फ कानून या सीमा का नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी और सुरक्षा से जुड़ा है। ऐसे में जरूरी है कि दोनों देश मिलकर कोई ऐसा रास्ता निकालें, जिससे मछुआरों की आजीविका भी सुरक्षित रहे और समुद्री नियमों का पालन भी सुनिश्चित हो सके।