संसद में अंबेडकर जयंती पर श्रद्धांजलि, नेताओं ने समानता और न्याय पर दिया जोर

Tue 14-Apr-2026,03:43 PM IST +05:30

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संसद में अंबेडकर जयंती पर श्रद्धांजलि, नेताओं ने समानता और न्याय पर दिया जोर Ambedkar-Jayanti-Parliament-Tribute-Leaders
  • संसद परिसर में अंबेडकर जयंती पर प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष सहित कई नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर संविधान निर्माता को श्रद्धांजलि दी।

  • कार्यक्रम में अंबेडकर के समानता, न्याय और लोकतंत्र के मूल्यों को याद किया गया और युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया गया।

Delhi / New Delhi :

नई दिल्ली/ C. P. Radhakrishnan, Narendra Modi और Om Birla ने मंगलवार को संसद भवन परिसर में बाबासाहेब Dr. B. R. Ambedkar की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर कई केंद्रीय मंत्री, सांसद और गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया और संविधान निर्माता को नमन किया।

संसद भवन स्थित प्रेरणा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में नेताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर Mallikarjun Kharge, Harivansh सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

इसके बाद संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों ने अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। लोकसभा के महासचिव Utpal Kumar Singh ने भी इस अवसर पर श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के दौरान संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (PRIDE) द्वारा आयोजित ‘Know Your Leader’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और दृढ़ता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ने अपने ज्ञान और मेहनत के बल पर हर चुनौती को अवसर में बदला और समाज को नई दिशा दी।

ओम बिरला ने अंबेडकर के योगदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संविधान में समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुता जैसे मूल्यों को शामिल कर उन्होंने देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा प्रदान किया। उन्होंने विशेष रूप से समानता के अधिकार और बिना भेदभाव के मतदान के अधिकार को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताया।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबासाहेब के आदर्शों को अपनाएं और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और समर्पण देश को विकसित और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

ओम बिरला ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन एक प्रेरणादायक गाथा है, जिसने लाखों वंचितों और शोषितों को नई उम्मीद दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, जागरूकता और संगठित प्रयासों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।

नेताओं ने इस अवसर पर एकजुट होकर अंबेडकर के विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि समावेशी और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण के लिए बाबासाहेब के सिद्धांत मार्गदर्शक बने रहेंगे।

देशभर में अंबेडकर जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां लोग उनके योगदान को याद कर रहे हैं और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प ले रहे हैं।