राम मंदिर उद्घाटन की वर्षगांठ: अयोध्या में भक्ति, सुरक्षा और उत्सव का माहौल

Thu 22-Jan-2026,06:16 PM IST +05:30

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राम मंदिर उद्घाटन की वर्षगांठ: अयोध्या में भक्ति, सुरक्षा और उत्सव का माहौल Ram-Mandir-Inauguration-Anniversary_-Ayodhya-Marks-Historic-Day-with-Devotion
  • 22 जनवरी को राम मंदिर उद्घाटन वर्षगांठ पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, विशेष पूजा और धार्मिक आयोजन।

  • सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन अलर्ट, ड्रोन और सीसीटीवी से अयोध्या की निगरानी।

  • राम मंदिर से पर्यटन, रोजगार और स्थानीय व्यापार को मिली नई गति, अयोध्या बना वैश्विक धार्मिक केंद्र।

Delhi / North Delhi :

Delhi /  आज 22 जनवरी को अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आई। राम मंदिर के उद्घाटन और प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ के अवसर पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के दर्शन कर इस दिन को स्मरणीय बनाया। पूरे अयोध्या धाम को भव्य सजावट, दीपोत्सव और भक्ति संगीत से सजाया गया, जिससे वातावरण राममय हो गया।

सुबह से ही सरयू घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू में स्नान कर रामलला के दर्शन किए। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया। संत-महंतों और धार्मिक संगठनों ने इस दिन को भारतीय संस्कृति और आस्था के पुनर्जागरण का प्रतीक बताया।

प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर विशेष व्यवस्थाएं की गईं। स्थानीय प्रशासन ने साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया।

राम मंदिर उद्घाटन ने न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी अयोध्या को नई पहचान दी है। स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। होटल, धर्मशाला, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, आस्था और एकता का प्रतीक है। 22 जनवरी अब इतिहास में उस दिन के रूप में दर्ज हो चुका है, जब करोड़ों लोगों के विश्वास को एक नया स्वरूप मिला। आज की वर्षगांठ ने फिर साबित कर दिया कि राम मंदिर भारतीय जनमानस के केंद्र में सदैव रहेगा।