कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में ईको-टूरिज्म और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

Fri 20-Feb-2026,06:33 PM IST +05:30

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कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में ईको-टूरिज्म और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा Kanger-Valley-ECO-Tourism-Livelihoods
  • संरक्षण और विकास के संतुलन पर ध्यान केंद्रित करते हुए वन मंत्री ने प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग और समग्र क्षेत्रीय विकास पर जोर दिया।

  • कार्यक्रम में स्थानीय सांस्कृतिक नृत्य, पारंपरिक व्यंजन और ईको-विकास समितियों को पैडल बोट वितरण के माध्यम से समुदाय को सशक्त बनाया गया।

Chhattisgarh / Jagdalpur :

Kanger/ कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें वन मंत्री केदार कश्यप और हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी की उपस्थिति रही। इस अवसर पर उद्यान निदेशक नवीन कुमार, एसडीओ कमल तिवारी, परिक्षेत्र अधिकारी कोटमसर एवं कोलेंग और स्थानीय ईको-विकास समितियों के सदस्य भी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देना, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन करना और संरक्षण एवं विकास के बीच संतुलन स्थापित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों का पारंपरिक स्वागत और स्थानीय सांस्कृतिक नृत्य से हुई, जिसमें आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक दिखाई दी। इसके बाद वन मंत्री और प्रधान संपादक ने उद्यान क्षेत्र का भ्रमण किया, स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना। पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेते हुए उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों की संभावनाओं की सराहना की। ईको-विकास समिति तीरथगढ़ एवं मांझीपाल को पर्यटन को प्रोत्साहित करने हेतु पैडल बोट प्रदान की गईं, जिससे स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि समुदाय आधारित पर्यटन स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित करेगा। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और समग्र विकास के संतुलन पर जोर दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य शासन निरंतर सकारात्मक पहल करेगा और स्थानीय ईको-विकास समितियों को सशक्त बनाने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि संरक्षण केवल वन्यजीवों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय समाज और आजीविका के विकास के साथ सामंजस्य बनाए रखना भी आवश्यक है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की इस पहल से पर्यावरण संरक्षण और समुदाय आधारित विकास की मिसाल स्थापित होगी।