रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में ABVP का ‘सदबुद्धि यज्ञ’, छात्र हितों को लेकर प्रशासन के खिलाफ विरोध

Thu 19-Feb-2026,10:13 PM IST +05:30

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रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में ABVP का ‘सदबुद्धि यज्ञ’, छात्र हितों को लेकर प्रशासन के खिलाफ विरोध ABVP Protest RDVV Jabalpur
  • प्रशासन के खिलाफ अभाविप का अनोखा विरोध.

  • परीक्षा परिणाम और छात्र सुविधाओं पर उठे सवाल.

  • मांगें न मानी गईं तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी.

Madhya Pradesh / Jabalpur :

Jabalpur / रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर में आज गुरुवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जबलपुर महानगर इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कथित अनियमितताओं और छात्र हितों की अनदेखी के खिलाफ “सदबुद्धि यज्ञ” का आयोजन किया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने संपन्न हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ और परिषद के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस यज्ञ का उद्देश्य प्रशासन का विरोध करना भर नहीं था, बल्कि उसे विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रति जागरूक करते हुए सकारात्मक और न्यायपूर्ण निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन किया गया और विश्वविद्यालय अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की गई। आयोजन स्थल पर कर्मचारियों और छात्रों की भीड़ जमा रही, जिससे माहौल गंभीर लेकिन शांतिपूर्ण बना रहा।

छात्रों की समस्याओं पर उठाई आवाज
अभाविप के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य माखन शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से परीक्षा परिणामों में देरी, प्रशासनिक अव्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं। उनका आरोप था कि प्रशासन इन मुद्दों पर अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम उषा फंड का समुचित उपयोग छात्र हित में नहीं किया गया, जिससे फंड के लेप्स होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाता, तो परिषद छात्र हितों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगी।

“विश्वविद्यालय सपनों का केंद्र है”
महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय केवल भवनों का समूह नहीं होता, बल्कि यह विद्यार्थियों के सपनों और भविष्य का केंद्र है। यदि प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग नहीं रहेगा, तो इसका सीधा असर छात्रों के करियर और भविष्य पर पड़ेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि “सदबुद्धि यज्ञ” एक सांकेतिक और सकारात्मक पहल है, जिसका उद्देश्य व्यवस्था में सुधार लाना और अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों का एहसास कराना है।

प्रमुख मांगें
कार्यक्रम के दौरान परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। इनमें परीक्षा परिणाम समयबद्ध घोषित करने, छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, पुस्तकालय एवं प्रयोगशालाओं की सुविधाओं को सुदृढ़ करने और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की मांग प्रमुख रही।

इसके अलावा युवा उत्सव में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को उनका शुल्क समय पर उपलब्ध कराने और नियमित विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित संवाद व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।

संकल्प के साथ समापन
यज्ञ के समापन पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा और उत्कृष्टता की पुनर्स्थापना का संकल्प लिया। कार्यक्रम में परिषद के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य माखन शर्मा, महानगर मंत्री आर्यन पुंज सहित अनेक पदाधिकारी और सैकड़ों छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

इस दौरान परिषद के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य माखन शर्मा ,महानगर मंत्री आर्यन पुंज , अनमोल सोनकर,ऐश्वर्या सोनकर , शोभित मिश्रा , अक्षत ताम्रकार ,पारुल साहू ,भास्कर पटेल , प्रफुल तिवारी , दिव्यांक पचौरी , लखन मांझी ,अरमान पांडेय ,सूर्यांश ठाकुर , यश पटेल ,संकेत पटेल , ओजस्व पांडे , हर्ष जैन ,आयुष कोष्टा , दीपांशु प्यासी ,सौहार्द चौबे ,ऋतिक झार,आदित्य ठाकुर ,श्रेयांश पांडे ,सीटेक अहिर्वार ,अखिल नामदेव ,शक्ति तिवारी , आदर्श साहू , अभिजीत नामदेव , नयन जैन,मेकल दीक्षित , ऋषि जायसवाल , नव शुक्ला , कृष पासी , पार्थ नायक ,विराज तोमर , सौरभ यादव , किशन यादव ,देव कुमार ,रोहित यादव ,आकर्ष दुबे ,समृद्ध श्रीवास्तव , हर्ष राजपूत ,वेद राई ,कमल अहिर्वार,साक्षर सिंह ,विकास  पांडे ,सुजीत पटेल ,कृष्ण कटारिया,आयुष बड़ी , राघवेंद्र राइ ,ऋषि पटेल , आदि राइ ,अंशवीर सोनकर ,नितिन ठाकुर ,जितेंद्र टीकम ,किशन द्विवेदी ,ध्रुव दुबे ,कृष पाठक ,आयुष शर्मा ,राज कुरारिया ,साहिल राजपूत , हर्ष , हार्दिक विश्वकर्मा उपस्थित रहें।

यह आयोजन केवल विरोध का प्रतीक नहीं था, बल्कि एक संदेश भी था कि छात्र अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर सजग हैं। अब सबकी निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह इन मांगों पर कितना गंभीर रुख अपनाता है।