मोबिक्विक Q3 में मुनाफे में वापसी
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मोबिक्विक ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 40 मिलियन रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया, घाटे से लाभप्रदता की मजबूत वापसी।
ज़िप ईएमआई कारोबार में 126% सालाना बढ़त, बेहतर क्रेडिट क्वालिटी से वित्तीय सेवा मार्जिन चार गुना मजबूत हुआ।
Delhi/ भारत की प्रमुख डिजिटल वॉलेट कंपनी वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए मुनाफा दर्ज किया है। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के नतीजों के अनुसार, कंपनी ने न केवल लाभ कमाया बल्कि परिचालन दक्षता और लागत नियंत्रण के दम पर मजबूत वित्तीय सुधार भी दिखाया। यह तिमाही मोबिक्विक के लिए एक अहम मोड़ साबित हुई है, क्योंकि कंपनी ने लगातार विस्तार के साथ लाभप्रदता की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है।
एबिट्डा और पीएटी में बड़ा सुधार
इस तिमाही में मोबिक्विक का एबिट्डा 150 मिलियन रुपए रहा, जिसमें सालाना आधार पर 576 मिलियन रुपए का बड़ा सुधार देखने को मिला। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में एबिट्डा नकारात्मक था, लेकिन अब कंपनी लाभकारी स्थिति में लौट आई है। कर पश्चात लाभ (पीएटी) में भी 593 मिलियन रुपए का सालाना सुधार दर्ज किया गया।
रेवेन्यू 8 प्रतिशत सालाना वृद्धि के साथ 2,972 मिलियन रुपए पर पहुंचा। कंट्रीब्यूशन प्रॉफिट 76 प्रतिशत सालाना और 34 प्रतिशत तिमाही आधार पर बढ़कर 1,288 मिलियन रुपए हो गया, जो बेहतर संचालन दक्षता और खर्चों पर सख्त नियंत्रण का परिणाम है। फिक्स्ड कॉस्ट भी कुल आय के 42 प्रतिशत से घटकर 38 प्रतिशत रह गई, जो मार्जिन में सुधार को दर्शाती है।
पेमेंट्स कारोबार ने बनाए नए रिकॉर्ड
मोबिक्विक के मुख्य पेमेंट्स कारोबार ने लगातार 12वीं तिमाही में रिकॉर्ड स्तर बनाए रखा। पेमेंट्स जीएमवी 481 अरब रुपए के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंचा, जो सालाना आधार पर 63 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 11 प्रतिशत की वृद्धि है।
कंपनी भारत में लगातार नंबर-1 पीपीआई वॉलेट के रूप में अपनी स्थिति बनाए हुए है। यूपीआई लेनदेन में सालाना 3.2 गुना वृद्धि दर्ज हुई, जिससे मोबिक्विक देश के सबसे तेजी से बढ़ने वाले शीर्ष 5 यूपीआई ऐप्स में शामिल हो गया।
यूज़र बेस बढ़कर 186.6 मिलियन और मर्चेंट बेस 4.79 मिलियन तक पहुंच गया है। नेट पेमेंट प्रोसेसिंग मार्जिन 17 बेसिस पॉइंट पर रहा, जबकि पेमेंट्स कारोबार का सकल मार्जिन 37 प्रतिशत के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
वित्तीय सेवाओं में मजबूत वापसी
लेंडिंग और वित्तीय सेवा कारोबार ने भी मजबूत रिकवरी दिखाई। ज़िप ईएमआई जीएमवी में 126 प्रतिशत सालाना वृद्धि हुई और यह 9,000 मिलियन रुपए के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।
वित्तीय सेवाओं का सकल लाभ 372 मिलियन रुपए रहा, जिसमें 405 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर्ज की गई। बेहतर क्रेडिट क्वालिटी और वसूली क्षमता के चलते नेट वित्तीय सेवा मार्जिन चार गुना बढ़कर 4.13 प्रतिशत हो गया, जो पिछले वर्ष 1.05 प्रतिशत था।
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि कंपनी ने ऋण कारोबार में संतुलित और गुणवत्ता-आधारित विस्तार की रणनीति अपनाई है।
प्रबंधन का भरोसा
मोबिक्विक की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, को-फाउंडर और सीएफओ उपासना टाकू ने कहा कि यह लाभदायक तिमाही अनुशासित संचालन और सोच-समझकर किए गए विस्तार का परिणाम है। उन्होंने भरोसा जताया कि कंपनी वित्त वर्ष 26 की दूसरी छमाही में लाभप्रदता हासिल करने के अपने वादे को पूरा करने में सफल रही है।
उन्होंने आगे कहा कि कंपनी जिम्मेदारी के साथ अपने डिजिटल वित्तीय सेवाओं के प्लेटफॉर्म का विस्तार करती रहेगी और शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही मोबिक्विक के लिए मजबूती, स्थिरता और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।