बांग्लादेश में नई सरकार का शपथ ग्रहण: ढाका समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे ओम बिरला
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Om Birla Dhaka Visit
17 फरवरी 2026 को ढाका में शपथ ग्रहण समारोह.
भारत की ओर से ओम बिरला करेंगे प्रतिनिधित्व.
व्यापार और सुरक्षा सहयोग में बढ़ोतरी की संभावना.
Dhaka / बांग्लादेश में हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद एक नई लोकतांत्रिक सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान के नेतृत्व में चुनी गई सरकार 17 फरवरी 2026 को ढाका में शपथ लेगी। इस समारोह में भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल होंगे। भारत का यह प्रतिनिधित्व दोनों देशों के बीच गहरे और ऐतिहासिक रिश्तों का संकेत माना जा रहा है।
‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का स्पष्ट संदेश
ओम बिरला की उपस्थिति केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का व्यावहारिक उदाहरण है। भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों में स्थिरता और लोकतंत्र को समर्थन देने की बात करता रहा है। बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनी गई नई सरकार का भारत द्वारा स्वागत इसी सोच को दर्शाता है।
भारत और बांग्लादेश का संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव पर आधारित है। 1971 के मुक्ति संग्राम से लेकर आज तक दोनों देशों ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन सहयोग की भावना बनी रही है।
तारिक रहमान को मिला जनादेश और भारत की उम्मीदें
तारिक रहमान को हालिया चुनाव में भारी जनादेश मिला है। इसे बांग्लादेश की जनता द्वारा बदलाव और स्थिर शासन की उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। भारत ने इस जनादेश का गर्मजोशी से स्वागत किया है और नई सरकार के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार के साथ भारत-बांग्लादेश संबंधों में व्यापार, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में और प्रगति हो सकती है। सीमा प्रबंधन, ऊर्जा सहयोग, जल बंटवारा और क्षेत्रीय संपर्क परियोजनाएं ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर दोनों देशों के बीच पहले से सहयोग जारी है। नई सरकार के साथ इन क्षेत्रों में नई गति आने की संभावना है।
क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम कदम
दक्षिण एशिया की राजनीति में बांग्लादेश की भूमिका महत्वपूर्ण है। एक स्थिर और लोकतांत्रिक बांग्लादेश पूरे क्षेत्र की शांति और विकास के लिए जरूरी है। भारत के लिए भी यह रणनीतिक रूप से अहम है कि उसका पड़ोसी देश राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति की दिशा में आगे बढ़े।
ढाका में होने वाला शपथ ग्रहण समारोह केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सहयोग का प्रतीक भी है। ओम बिरला की मौजूदगी यह दर्शाती है कि भारत अपनी मित्रता को गंभीरता से लेता है और लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में खड़ा है।
आने वाले समय में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ताओं, नए समझौतों और साझा परियोजनाओं की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। नई सरकार के साथ भारत-बांग्लादेश संबंध एक नए अध्याय की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।