52वां खजुराहो नृत्य समारोह शुरू
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52nd-Khajuraho-Dance-Festival-2026
मध्य प्रदेश के खजुराहो में 20 से 26 फरवरी तक 52वां अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह आयोजित, देश-विदेश के कलाकार प्रस्तुत करेंगे शास्त्रीय नृत्य।
पद्म पुरस्कार विजेता और उदीयमान कलाकारों को मिलेगा मंच, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय नृत्य को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर।
मध्य प्रदेश के खजुराहो में आज से 52वां खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह शुरू हो गया है। सात दिवसीय इस महोत्सव का आयोजन 20 से 26 फरवरी तक किया जा रहा है और इसे कंदरिया महादेव एवं जगदंबा मंदिर परिसर में आयोजित किया गया है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार शामिल हैं और भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम और सत्रिया जैसी प्रमुख शैलियों की नृत्य प्रस्तुतियां दी जाएंगी। ‘नटराज-नृत्य, लय और सृजन’ थीम पर आधारित यह समारोह भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविधता और भव्यता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करता है।
52वें खजुराहो नृत्य समारोह में प्रतिभाशाली कलाकारों की झलक दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगी। पद्म पुरस्कार विजेता और संगीत नाटक अकादमी सम्मानित कलाकारों के साथ‑साथ उदीयमान प्रतिभाओं को भी मंच मिलेगा। इस आयोजन का संचालन उस्ताद अलाउद्दीन खान संगीत एवं कला अकादमी द्वारा किया जा रहा है, जबकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग, दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र और छतरपुर जिला प्रशासन इसका सहयोग कर रहे हैं। प्रस्तुतियां शाम 6:30 बजे से शुरू होंगी, जिसमें कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम और सत्रिया शैलियों के विविध कार्यक्रम होंगे।
इस महोत्सव के दौरान प्रमुख कलाकारों की प्रस्तुतियों में शामिल हैं: पद्मश्री ममता शंकर (कथक), अनुराधा वेंकटरमन (भरतनाट्यम), शुभदा वराडकर (ओडिसी), एसएनए अवार्डी थोकचोम इवेमुबि देवी (मणिपुरी), पद्मश्री दुर्गाचरण रनवीर (ओडिसी), शाश्वती सेन (कथक), सुश्री भावना रेड्डी (कुचिपुड़ी) और अन्य प्रतिभाशाली कलाकार। ये प्रस्तुतियां दर्शकों को न केवल कला के सौंदर्य से परिचित कराएंगी, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत और नृत्य की समृद्ध परंपरा को भी जीवंत रूप में पेश करेंगी।
मंच पर उदीयमान कलाकारों के लिए यह समारोह अपने करियर में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होने का अवसर है। खजुराहो का यह सांस्कृतिक महोत्सव भारतीय शास्त्रीय नृत्य को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के साथ ही नवोदित प्रतिभाओं को आत्मविश्वास और मंचीय अनुभव भी प्रदान करता है।