भारतीय तटरक्षक बल ने अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी रैकेट का किया बड़ा भंडाफोड़
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भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्री-हवाई समन्वित अभियान के जरिए अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ कर तीन संदिग्ध जहाजों को जब्त किया।
उन्नत डिजिटल निगरानी, डेटा विश्लेषण और विशेषज्ञ बोर्डिंग टीमों की कार्रवाई से जहाज-से-जहाज अवैध तेल हस्तांतरण उजागर हुआ।
Mumbai/ भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। 5-6 फरवरी 2026 को अंजाम दिए गए इस समुद्री-हवाई समन्वित अभियान में संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से उत्पन्न अवैध तेल के अंतरराष्ट्रीय हस्तांतरण में शामिल तीन संदिग्ध जहाजों को जब्त किया गया। यह कार्रवाई न केवल आर्थिक अपराध पर प्रहार है, बल्कि समुद्री कानून व्यवस्था में भारत की सशक्त भूमिका को भी दर्शाती है।
अभियान की शुरुआत और संदिग्ध गतिविधि की पहचान
आईसीजी की उन्नत तकनीक-आधारित निगरानी प्रणालियों ने भारतीय विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर एक मोटर टैंकर की असामान्य गतिविधियों को चिन्हित किया। डिजिटल ट्रैकिंग और डेटा पैटर्न विश्लेषण से यह संकेत मिला कि टैंकर की ओर दो अन्य जहाज बढ़ रहे हैं, जिन पर अवैध जहाज-से-जहाज तेल हस्तांतरण का संदेह था।
100 समुद्री मील दूर कार्रवाई
5 फरवरी 2026 को मुंबई से लगभग 100 समुद्री मील पश्चिम में तटरक्षक बल के जहाजों ने तीनों संदिग्ध पोतों को रोका। विशेषज्ञ बोर्डिंग टीमों ने गहन तलाशी ली, इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच की, दस्तावेजों का सत्यापन किया और चालक दल से विस्तृत पूछताछ की। जांच के दौरान तस्करी की सुनियोजित कार्यप्रणाली की पुष्टि हुई।
तेल तस्करी का जटिल नेटवर्क
प्रारंभिक जांच से सामने आया कि यह गिरोह सस्ते तेल को समुद्री मार्ग से लाकर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मोटर टैंकरों को हस्तांतरित करता था। इस नेटवर्क में कई देशों में सक्रिय दलाल शामिल थे, जो जहाजों के बीच तेल की बिक्री और लॉजिस्टिक्स का समन्वय करते थे। इस प्रक्रिया से भारत सहित तटीय देशों को भारी राजस्व हानि हो रही थी।
डिजिटल साक्ष्य और जहाजों की जब्ती
भौतिक तलाशी से डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि होने पर तीनों जहाजों को जब्त कर लिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि समुद्री कानून एजेंसियों से बचने के लिए ये जहाज बार-बार अपनी पहचान और नाम बदलते थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जहाजों के मालिक विदेशी देशों में रहते हैं।
आगे की कानूनी कार्रवाई
जब्त जहाजों को आगे की जांच के लिए मुंबई लाया जा रहा है। इसके बाद उन्हें भारतीय सीमा शुल्क और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपा जाएगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और भारतीय समुद्री नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सके।
भारत की समुद्री सुरक्षा में मजबूत भूमिका
यह अभियान भारत की बढ़ती समुद्री उपस्थिति, उन्नत डिजिटल निगरानी क्षमता और अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारतीय तटरक्षक बल की यह सफलता समुद्री तस्करी के खिलाफ एक सशक्त संदेश है।