शिवराज का ‘एक पौधा प्रतिदिन’ संकल्प बना राष्ट्रीय हरित अभियान

Thu 19-Feb-2026,06:16 PM IST +05:30

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शिवराज का ‘एक पौधा प्रतिदिन’ संकल्प बना राष्ट्रीय हरित अभियान One-Plant-Daily-Shivraj-Green-Mission
  • “एक पौधा प्रति दिन” संकल्प को सरकारी कार्यक्रमों से जोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर हरित जनभागीदारी आंदोलन बनाने की रणनीति प्रस्तुत की गई।

  • पेड़ बैंक और ‘अंकुर’ मंच के माध्यम से जन्मदिन, वर्षगांठ जैसे अवसरों पर पौधारोपण को सामाजिक उत्सव बनाने का प्रस्ताव।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ कार्यक्रम में श्री चौहान ने स्पष्ट कहा कि उनका संकल्प केवल व्यक्तिगत प्रयास नहीं, बल्कि इसे राष्ट्रीय हरित जनआंदोलन में बदलने की दिशा में ठोस पहल है। उन्होंने निर्देश दिया कि कृषि मंत्रालय और उससे जुड़े सभी विभागों के कार्यक्रमों की शुरुआत अब पौधारोपण से होगी। आईसीएआर, कृषि विश्वविद्यालयों, केवीके और शोध संस्थानों के सेमिनार, सम्मेलन और दीक्षांत समारोहों में भी पेड़ लगाना अनिवार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि देश का कृषि तंत्र हर आयोजन का श्रीगणेश पौधारोपण से करेगा तो स्वाभाविक रूप से लाखों पौधे लगाए जा सकेंगे। उन्होंने अपने स्वागत में फूल-मालाओं, पटका और स्मृति चिन्ह स्वीकार न करने का निर्णय भी साझा किया। उनकी अपील थी कि यदि कोई संस्था उनका सम्मान करना चाहती है तो स्मृति चिन्ह की जगह पाँच पौधे लगाए और उसकी तस्वीर भेंट करे।

कार्यक्रम में साध्वी दीदी माँ ऋतंभरा ने पौधारोपण को “सच्चा यज्ञ” बताते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की साधना है। पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी ने इसे “जीते-जी मोक्ष” की दिशा में उठाया गया कदम बताया और कहा कि यह आंदोलन प्रकृति के प्रति सकारात्मक सामाजिक चेतना का प्रतीक है।

श्री चौहान ने ‘पेड़ बैंक’ की अवधारणा भी रखी, जिसके अंतर्गत इच्छुक दानदाता पौधे लगाने के लिए आर्थिक सहयोग दे सकेंगे। समर्पित संस्थाएं गड्ढा खोदने, रोपण और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगी। इसके साथ ही ‘अंकुर’ जैसे राष्ट्रीय मंच की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जहां लोग जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या विशेष अवसरों पर पौधा लगवाने के लिए पंजीकरण कर सकेंगे।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अभियान से जुड़ने के इच्छुक नागरिकों के लिए एक मिस्ड कॉल नंबर जारी किया जाए, जिससे सामूहिक कार्यक्रमों और प्रशिक्षण गतिविधियों का आयोजन किया जा सके। उनका कहना था कि भारत की विशाल जनसंख्या यदि पर्यावरण संरक्षण के संकल्प से जुड़ जाए तो करोड़ों पौधे लगाए जा सकते हैं।

श्री चौहान ने बताया कि 2017 में नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए थे। अमरकंटक में नर्मदा जयंती के दिन लिया गया “एक पौधा प्रति दिन” का संकल्प उन्होंने पाँच वर्षों तक निरंतर निभाया और अब तक 6,000 से अधिक पौधे लगा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि जीवन की प्रत्येक सांस को प्रकृति और समाज के हित में समर्पित करना ही सच्ची सेवा है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पौधारोपण का सामूहिक संकल्प लिया। यह पहल व्यक्तिगत व्रत से आगे बढ़कर राष्ट्रीय हरित आंदोलन का रूप लेती दिखाई दे रही है।