राष्ट्रपति मुर्मु ने विशाखापत्तनम में फ्लीट रिव्यू देखा

Wed 18-Feb-2026,03:32 PM IST +05:30

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राष्ट्रपति मुर्मु ने विशाखापत्तनम में फ्लीट रिव्यू देखा International-Fleet-Review-2026-Visakhapatnam
  • विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 में 70 से अधिक देशों की नौसेनाओं की भागीदारी, समुद्री सहयोग और वैश्विक एकजुटता पर जोर।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘महासागर’ विज़न के तहत सामूहिक समुद्री सुरक्षा को भारत की प्राथमिकता बताया।

Andhra Pradesh / Visakhapatnam :

Visakhapatnam/ राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने 18 फरवरी 2026 को आंध्र प्रदेश के Visakhapatnam में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 का अवलोकन किया। इस प्रतिष्ठित आयोजन में 70 से अधिक देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान समुद्री सहयोग, वैश्विक एकजुटता और सामूहिक सुरक्षा की भावना को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। राष्ट्रपति ने इसे अंतरराष्ट्रीय विश्वास, साझेदारी और शांति का प्रतीक बताया।

राष्ट्रपति ने कहा कि इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू समुद्री परंपराओं के प्रति राष्ट्रों की एकता, विश्वास और सम्मान को प्रदर्शित करता है। विभिन्न देशों के ध्वजों से सजे युद्धपोत और नाविक “यूनाइटेड थ्रू ओशंस” की थीम को साकार करते हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन वैश्विक समुदाय को सकारात्मक संदेश देता है कि सामूहिक नौसैनिक शक्ति हर चुनौती का सामना कर सकती है। उन्होंने भारत के दृष्टिकोण को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना से प्रेरित बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा, स्थिरता और विकास साझेदारी तथा सहयोग से ही संभव हैं। उन्होंने ‘महासागर’ विज़न क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक उन्नति का उल्लेख करते हुए इसे भारत की समुद्री नीति का आधार बताया।

राष्ट्रपति ने भारतीय नौसेना की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वह देश के समुद्री हितों की रक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में सदैव तत्पर रहती है। मानवीय संकटों और प्राकृतिक आपदाओं के समय भारतीय नौसेना की त्वरित सहायता उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विदेशी नौसेनाओं के अधिकारियों और नाविकों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उनका अनुशासन और समर्पण सामूहिक समुद्री सुरक्षा की आधारशिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी सहभागी देश महासागरों को शांति, समृद्धि और वैश्विक कल्याण के माध्यम के रूप में विकसित करने में योगदान देंगे।