19 साल बाद 10 मार्च को दिल्ली में एक मंच पर आ सकते हैं चारों शंकराचार्य
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
After-19-Years,-All-Four-Shankaracharyas-Likely-to-Share-One-Stage-in-Delhi
19 साल बाद 10 मार्च को दिल्ली में चारों पीठों के शंकराचार्यों के एक मंच पर आने की संभावना, संत समाज में उत्साह।
संभावित सम्मेलन में सनातन धर्म, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना जैसे विषयों पर साझा संवाद हो सकता है।
दिल्ली में होने वाला यह आयोजन धार्मिक, सामाजिक और वैचारिक समरसता का मजबूत संदेश देने वाला माना जा रहा है।
Delhi / देश की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में एक ऐतिहासिक क्षण सामने आ सकता है। करीब 19 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आगामी 10 मार्च को दिल्ली में चारों पीठों के शंकराचार्य एक ही मंच पर एकत्र हो सकते हैं। यदि यह आयोजन साकार होता है, तो इसे भारतीय सनातन परंपरा के लिए एक महत्वपूर्ण और दुर्लभ अवसर माना जाएगा।
चारों प्रमुख अम्नाय पीठ—श्रृंगेरी, द्वारका, ज्योतिर्मठ (बद्रीनाथ) और गोवर्धन पीठ (पुरी)—के शंकराचार्यों का एक मंच पर आना साधारण घटना नहीं है। परंपरागत रूप से विभिन्न धार्मिक, वैचारिक और क्षेत्रीय कारणों से ऐसा समागम बहुत कम देखने को मिलता है। यही कारण है कि इस प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर संत समाज, विद्वानों और श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्यक्रम सनातन धर्म, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना जैसे विषयों पर केंद्रित हो सकता है। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक संवाद को सशक्त करना, समाज में वैचारिक समन्वय को बढ़ावा देना और युवा पीढ़ी को भारतीय दर्शन से जोड़ना बताया जा रहा है। दिल्ली जैसे राष्ट्रीय मंच पर इस तरह का सम्मेलन देशभर में गहरा संदेश दे सकता है।
धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि चारों शंकराचार्यों की संयुक्त उपस्थिति न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि यह सामाजिक समरसता और वैचारिक एकता का भी प्रतीक बनेगी। इससे सनातन परंपरा से जुड़े मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण सामने आ सकता है।
हालांकि अभी कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा और रूपरेखा का इंतजार है, लेकिन तैयारियों और संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। यदि सभी शंकराचार्य एक मंच साझा करते हैं, तो यह घटना हाल के दशकों में धार्मिक इतिहास की एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जाएगी। 10 मार्च को दिल्ली की ओर देशभर की निगाहें टिकी रहेंगी।