प्रयागराज में वायुसेना का प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त, तालाब में गिरने से टला बड़ा हादसा, दोनों पायलट सुरक्षित
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Prayagraj Air Force Crash
प्रयागराज में वायुसेना का प्रशिक्षण विमान क्रैश.
तालाब में गिरने से टला बड़ा हादसा, दोनों पायलट सुरक्षित.
तकनीकी खराबी की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश.
Prayagraj / प्रयागराज में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय वायुसेना का एक प्रशिक्षण विमान उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी का शिकार होकर तालाब में गिर गया। यह हादसा जॉर्ज टाउन थाना क्षेत्र के अंतर्गत सीएमपी कॉलेज के पास हुआ। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। समय रहते की गई सूझबूझ और स्थानीय लोगों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय वायुसेना का यह ट्रेनी विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। उड़ान के कुछ ही देर बाद विमान के इंजन में तकनीकी खराबी आ गई। इंजन से असामान्य आवाज और धुआं निकलते देख पायलटों ने तुरंत नियंत्रण में लाने की कोशिश की, लेकिन विमान तेजी से ऊंचाई खोने लगा। स्थिति को भांपते हुए पायलटों ने घनी आबादी से दूर विमान को ले जाने का प्रयास किया और अंततः वह सीएमपी कॉलेज के पास स्थित एक तालाब में जा गिरा।
विमान के तालाब में गिरते ही आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। तालाब में पानी के साथ बड़ी मात्रा में जलकुंभी मौजूद थी, जिससे विमान पूरी तरह डूब नहीं पाया। इसी कारण पायलटों को बाहर निकालने में मदद मिली। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों पायलटों की हालत स्थिर है और उन्हें एहतियातन निगरानी में रखा गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और वायुसेना की टीमें मौके पर पहुंच गईं। क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। वायुसेना की तकनीकी टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है। तालाब में गिरे विमान को निकालने के लिए क्रेन और अन्य उपकरण मंगाए गए हैं। देर शाम तक विमान को बाहर निकालने का प्रयास जारी रहा।
स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि हादसे में किसी नागरिक को नुकसान नहीं हुआ है, जो राहत की बात है। जिस स्थान पर विमान गिरा, वह शैक्षणिक संस्थान और रिहायशी इलाके के करीब है। यदि विमान थोड़ी भी दिशा बदल देता, तो बड़ा नुकसान हो सकता था। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाने की अपील की है।
वायुसेना की ओर से प्रारंभिक तौर पर यह जानकारी दी गई है कि हादसा इंजन में आई तकनीकी खराबी के कारण हुआ। हालांकि, दुर्घटना के सही कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। वायुसेना ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए हैं, जिसके तहत विमान के रखरखाव, तकनीकी स्थिति और उड़ान से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
इस घटना के बाद एक बार फिर प्रशिक्षण विमानों की तकनीकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशिक्षण उड़ानों में इस तरह की घटनाओं की आशंका बनी रहती है, लेकिन पायलटों को आपात स्थितियों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रयागराज हादसे में पायलटों की सूझबूझ और समय पर लिए गए फैसले ने कई जिंदगियों को बचा लिया।
स्थानीय लोगों ने भी राहत और गर्व की भावना व्यक्त की है कि पायलट सुरक्षित हैं। उनका कहना है कि यदि तालाब में जलकुंभी न होती और विमान पूरी तरह पानी में डूब जाता, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।