अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एआईआईए गोवा में नई आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन

Sun 08-Mar-2026,10:00 PM IST +05:30

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एआईआईए गोवा में नई आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन Ayurveda Hospital Goa
  • एआईआईए गोवा में नई आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन।

  • सुश्रुत ओटी कॉम्प्लेक्स, फिजियोथेरेपी और पंचकर्म इकाइयों की शुरुआत।

  • आयुर्वेद आधारित समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा।

Goa / Goa Velha :

Goa / अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), गोवा में कई नई स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया गया। इन सुविधाओं का उद्देश्य रोगी देखभाल को मजबूत करना और विशेष आयुर्वेदिक उपचार सेवाओं की पहुंच को बढ़ाना है। इन सुविधाओं का उद्घाटन गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने किया। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव, आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, एआईआईए के निदेशक (प्रभारी) प्रो. (वैद्य) पी.के. प्रजापति, एआईआईए गोवा की डीन प्रो. (डॉ.) सुजाता कदम और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आयुर्वेदिक उपचार सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
नवउद्घाटित सुविधाओं का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना और मरीजों को उन्नत आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि एआईआईए गोवा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि संस्थान में स्नातक स्तर की 100 सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें गोवा के छात्रों के लिए आरक्षित हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को आयुर्वेदिक शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने एआईआईए गोवा परिसर के विस्तार की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि संस्थान में भविष्य में कैंसर अनुसंधान केंद्र, केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाएं, फार्मेसी और अन्य उन्नत सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से एआईआईए गोवा को अतिरिक्त 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।

आयुर्वेद को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष मंत्रालय देश भर में आयुर्वेद के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि एआईआईए गोवा में शुरू की गई नई सुविधाएं समग्र स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और एकीकृत उपचार पद्धतियों के माध्यम से मरीजों को बेहतर लाभ मिलेगा।

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने भी आयुर्वेद की बढ़ती वैश्विक पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एआईआईए आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। गोवा में नई सुविधाओं के जुड़ने से संस्थान की क्षमता और बढ़ेगी और साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नई स्वास्थ्य इकाइयों से मरीजों को मिलेगा लाभ
एआईआईए के निदेशक (प्रभारी) प्रो. पी.के. प्रजापति ने कहा कि नई इकाइयों का उद्घाटन रोगी-केंद्रित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन सुविधाओं से व्यापक उपचार सेवाएं प्रदान करने, निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

एआईआईए गोवा की डीन प्रो. (डॉ.) सुजाता कदम ने कहा कि इन सुविधाओं से संस्थान में नैदानिक प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोगी देखभाल को नई मजबूती मिलेगी। आयुर्वेद के सिद्धांतों के साथ आधुनिक निदान और उपचार सेवाओं को जोड़कर व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।

संस्थान में शुरू हुईं ये नई इकाइयां
संस्थान में कई विशेष इकाइयों की शुरुआत की गई है। इनमें सुश्रुत ओटी कॉम्प्लेक्स शामिल है, जो आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसके अलावा फिजियोथेरेपी इकाई भी शुरू की गई है, जहां मरीजों को पुनर्वास और शारीरिक चिकित्सा से जुड़ी सेवाएं मिलेंगी।

बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कुमारभृत्य पंचकर्म इकाई भी स्थापित की गई है, जो आयुर्वेदिक पद्धति से बाल चिकित्सा उपचार को बढ़ावा देगी। वहीं अस्थि खनिज घनत्व (बीएमडी) इकाई भी शुरू की गई है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य की जांच और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं के शुरुआती पहचान में मदद करेगी।

आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
एआईआईए गोवा में शुरू की गई ये नई सुविधाएं एकीकृत और साक्ष्य-आधारित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन पहलों का उद्देश्य मरीजों को सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। साथ ही आयुर्वेद के माध्यम से निवारक और समग्र स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।