गोरखपुर में सेना-वायु सेना का मेगा आई कैंप: पहले दिन 100+ सर्जरी, 300 से अधिक ऑपरेशन निर्धारित
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Indian Army Medical Camp
पहले दिन 100+ नेत्र सर्जरी सफल.
उन्नत मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और रेटिना ऑपरेशन.
27 फरवरी तक 300 से अधिक सर्जरी निर्धारित.
Gorakhpur / भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के चिकित्सकों के एक उच्च विशिष्ट नेत्र शल्य चिकित्सा दल ने 24 फरवरी, 2026 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित 12 वायु सेना अस्पताल में आयोजित विशाल आधुनिक नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर के पहले दिन 100 से अधिक नेत्र शल्यक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी कीं। इन शल्यक्रियाओं में उन्नत मोतियाबिंद ऑपरेशन, न्यूनतम चीरा लगाकर की जाने वाली ग्लूकोमा सर्जरी और जटिल रेटिना संबंधी प्रक्रियाएं शामिल रहीं। इस विशेषज्ञ दल का नेतृत्व ब्रिगेडियर (डॉ.) संजय कुमार मिश्रा, सलाहकार एवं नेत्र विज्ञान विभागाध्यक्ष, सेना अस्पताल (अनुसंधान एवं रेफरल) ने किया। टीम ने भारतीय वायु सेना के विमानों द्वारा विशेष रूप से क्षेत्र में लाए गए विश्वस्तरीय आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का उपयोग कर इन शल्य प्रक्रियाओं को पूरा किया।
पूर्व सैनिकों, सेवारत कर्मियों के आश्रितों एवं वंचित नागरिकों के लिए व्यापक नेत्र जांच (स्क्रीनिंग) अभियान वर्तमान में जारी है, और आगामी दिनों में इसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। शिविर के उद्घाटन अवसर पर सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन और
चिकित्सा सेवा महानिदेशक (वायु) एयर मार्शल संदीप थरेजा उपस्थित रहे। शिविर की अवधि के दौरान 300 से अधिक नेत्र शल्यक्रियाएं निर्धारित की गई हैं। यह शिविर 27 फरवरी 2026 को संपन्न होगा।
यह शिविर देश की सीमाओं के सशक्त प्रहरी और सामाजिक लचीलेपन के करुणामय संवाहक के रूप में भारतीय सेना की दोहरी भूमिका को पुनः रेखांकित करता है। इस विशिष्ट चिकित्सा दल ने नैदानिक उत्कृष्टता की अपनी सुदृढ़ परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हिमालय की तलहटी से लेकर जम्मू और कच्छ के सुदूर सीमावर्ती गांवों तक, देश के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक छह सफल नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किए हैं। ये शिविर दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।