उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नागालैंड विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में युवाओं को दिए प्रेरक संदेश
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Nagaland-University-Convocation-CP-Radhakrishnan
उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने नागालैंड विश्वविद्यालय 8वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की सीख दी।
उन्होंने पीएम-देवीआईएनई पहल और पूर्वोत्तर के समावेशी विकास में केंद्र सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला।
नागालैंड/ उपराष्ट्रपति श्री C. P. Radhakrishnan ने लुमामी स्थित नागालैंड विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य की वास्तविक शक्ति उसके लोगों और उनकी जीवंत परंपराओं में निहित है। भारत की विविधता में एकता पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश की ताकत मतभेदों में नहीं बल्कि लोगों को जोड़ने वाली एकता में है।
उन्होंने विश्वविद्यालय की कैंसर अनुसंधान प्रयोगशाला, स्वदेशी नगा भाषाओं और पारंपरिक कानूनों के संरक्षण, तथा उच्च शिक्षा में योगदान की सराहना की। उपराष्ट्रपति ने स्नातक छात्रों से नशे को ना कहने, जिम्मेदार जीवन जीने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi के नेतृत्व में उत्तर-पूर्व क्षेत्र विकास और पीएम-देवीआईएनई पहल पर जोर देते हुए कहा कि यह युवाओं के लिए रोजगार और समावेशी विकास में सहायक होगी। उन्होंने फरवरी 2026 में केंद्र सरकार, नागालैंड सरकार और पूर्वी नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते को क्षेत्रीय शांति के लिए अहम बताया।
इस अवसर पर नागालैंड के राज्यपाल श्री अजय कुमार भल्ला, उप मुख्यमंत्री श्री टीआर जेलियांग और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जगदीश कुमार पटनायक समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उन्होंने एचईएफए फेज II भवनों की आधारशिला रखी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास क्षेत्रों को जोड़ता है, लेकिन आपसी मेलजोल राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है।