विश्व पुस्तक मेला 2026 में भारतीय नौसेना ने प्रदर्शित की समुद्री विरासत

Sun 11-Jan-2026,06:50 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

विश्व पुस्तक मेला 2026 में भारतीय नौसेना ने प्रदर्शित की समुद्री विरासत विश्व-पुस्तक-मेला-2026-में-भारतीय-नौसेना-ने-प्रदर्शित-की-समुद्री-विरासत
  • विश्व पुस्तक मेला 2026 में भारतीय नौसेना ने समुद्री विरासत, नौसैनिक इतिहास और परिचालन उत्कृष्टता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

  • नौसेना इतिहास प्रभाग द्वारा पुस्तक प्रदर्शनी, युद्धपोत मॉडल और विशेषज्ञ पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया।

  • युवा पीढ़ी को नौसेना में करियर हेतु प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया गया।

Delhi / New Delhi :

दिल्ली/ भारतीय नौसेना ने नई दिल्ली में आयोजित विश्व पुस्तक मेला 2026 में भाग लेकर भारत की समृद्ध समुद्री विरासत, नौसैनिक इतिहास और परिचालन उत्कृष्टता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। जनवरी 2026 में प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ज्ञान, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन को बढ़ावा देना रहा। भारतीय नौसेना और नौसेना इतिहास प्रभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस पहल में प्रदर्शनी, पुस्तक विमोचन और विशेषज्ञ पैनल चर्चाओं के माध्यम से देश की गौरवशाली समुद्री परंपरा को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया गया, जिससे यह आयोजन जागरूकता और प्रेरणा का सशक्त मंच बनकर उभरा।

नई दिल्ली में आयोजित विश्व पुस्तक मेला 2026 देश का एक प्रमुख सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजन है, जिसमें इस वर्ष भारतीय नौसेना की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) द्वारा आयोजित नौ दिवसीय इस मेगा इवेंट का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया।

भारतीय नौसेना की इस सहभागिता का नेतृत्व उसके प्रमुख अनुसंधान संस्थान नौसेना इतिहास प्रभाग (NHD) द्वारा किया जा रहा है। एनएचडी ने एनबीटी के सहयोग से विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए नौसेना स्टॉल स्थापित किए हैं, जहाँ भारतीय नौसेना के प्रामाणिक प्रकाशनों के साथ-साथ बारीकी से तैयार किए गए युद्धपोतों और नौसैनिक प्लेटफॉर्म्स के मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं।

हॉल नंबर 5 में स्थित नौसेना मंडप में भारतीय नौसेना के आधिकारिक इतिहास (1945-2021) के सात खंड, विभिन्न युद्धपोतों, पनडुब्बियों, वायु स्क्वाड्रनों और नौसैनिक प्रतिष्ठानों के इतिहास से संबंधित पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। इसके साथ ही भारत के प्राचीन से आधुनिक समुद्री इतिहास पर आधारित साहित्य भी रखा गया है, जो आगंतुकों को देश की नौसैनिक विरासत की गहरी समझ प्रदान करता है।

इन प्रदर्शनों में विद्वतापूर्ण शोध और दृश्यात्मक प्रस्तुति का संतुलित संयोजन देखने को मिलता है, जो भारत की समुद्री यात्रा को एक जीवंत कथा के रूप में प्रस्तुत करता है।

शैक्षणिक गतिविधियों के अंतर्गत, 10 जनवरी 2026 को 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसका संचालन कमांडर नीरज वशिष्ठ ने किया। इस चर्चा में सेवानिवृत्त वीआरसी कमांडर विजय प्रकाश कपिल और वरिष्ठ रक्षा पत्रकार संदीप उन्नीथन ने भाग लिया और नौसेना की निर्णायक भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

इसके अलावा, ‘नौसेना समुद्री अभियान: अतीत और वर्तमान’ विषय पर 11 जनवरी 2026 को तथा ‘नियम आधारित व्यवस्था का निर्माण: भारतीय नौसेना की भूमिका’ विषय पर 14 जनवरी 2026 को महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें नौसेना अधिकारी और शिक्षाविद हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका पर प्रकाश डालेंगे।

इस मेले का एक प्रमुख आकर्षण नौसेना इतिहास प्रभाग द्वारा तैयार की गई एक नई पुस्तक का विमोचन होगा, जिसका अनावरण नौसेना प्रमुख द्वारा किया जाएगा। प्रदर्शनियों के साथ-साथ एनएचडी युवा आगंतुकों से संवाद कर उन्हें भारतीय नौसेना में करियर के लिए प्रेरित भी कर रहा है। नौसेना स्टॉल्स ने पहले ही बड़ी संख्या में दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है।