Iran-Israel War Update | ईरान-इजराइल जंग का सातवां दिन: तेहरान में भीषण बमबारी, 1300 से ज्यादा मौतें

Fri 06-Mar-2026,09:13 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

Iran-Israel War Update | ईरान-इजराइल जंग का सातवां दिन: तेहरान में भीषण बमबारी, 1300 से ज्यादा मौतें Iran-Israel War Update
  • तेहरान समेत कई शहरों में भीषण हवाई हमले.

  • युद्ध में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत, कई बच्चे भी शामिल.

  • पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव, वैश्विक असर दिखाई देने लगा.

Tehran Province / Tehran :

Iran / अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान का सातवां दिन बेहद हिंसक और खतरनाक दौर में पहुंच चुका है। शुरुआत में जहां हमले मुख्य रूप से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए जा रहे थे, वहीं अब स्थिति ऐसी हो गई है कि नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे को भी व्यापक रूप से नुकसान पहुंच रहा है। लगातार हो रहे हवाई हमलों ने ईरान के कई बड़े शहरों को प्रभावित किया है और इससे मानवीय संकट गहराता जा रहा है।

ईरान की राजधानी तेहरान में हालात काफी गंभीर बताए जा रहे हैं। शहर के कई हिस्सों में रातभर जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। तेहरान विश्वविद्यालय के आसपास के इलाके और कई रिहायशी क्षेत्रों में भी भारी बमबारी की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में हमलों की तीव्रता पिछले दिनों की तुलना में काफी ज्यादा रही। इसके अलावा शिराज, इस्फहान और करमनशाह जैसे शहरों में भी बड़े विस्फोट दर्ज किए गए हैं, जहां ईरान के महत्वपूर्ण सैन्य और मिसाइल ठिकाने मौजूद हैं।

शिराज शहर के जीबाशहर इलाके में हुए एक बड़े हवाई हमले में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं और बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं।

इस बीच अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने इस अभियान को युद्ध के नए चरण में प्रवेश करने वाला बताया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक अमेरिकी बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने ईरान के भीतर गहराई तक मौजूद बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर्स को निशाना बनाया है। इन हमलों में 2,000 पाउंड वजनी “पेनिट्रेटर” बमों का इस्तेमाल किया गया, जो जमीन के अंदर बने बंकर और सुरक्षित सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए बनाए जाते हैं।

अमेरिका ने ईरान की अंतरिक्ष और मिसाइल क्षमताओं से जुड़े कुछ ठिकानों पर भी सटीक हमले किए हैं। दूसरी ओर इजराइल की वायु सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के छह मिसाइल लॉन्चर्स और तीन उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों को नष्ट कर दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में हमलों की तीव्रता और बढ़ सकती है और इसके लिए अतिरिक्त फाइटर स्क्वाड्रन तथा बॉम्बर विमानों को तैनात किया जाएगा।

हालांकि इन हमलों का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार अब तक इस संघर्ष में मरने वालों की संख्या 1,332 से ज्यादा हो चुकी है। इनमें 181 बच्चे भी शामिल हैं, जो इस युद्ध की भयावहता को दर्शाते हैं। यूनिसेफ के मुताबिक युद्ध के पहले दिन मीनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में 175 बच्चियों की मौत हो गई थी, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

पूरे देश में अब तक 3,643 नागरिक स्थल प्रभावित हुए हैं। इनमें 3,090 घर, 528 व्यापारिक केंद्र और 14 चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं। कई अस्पतालों और राहत केंद्रों पर भी दबाव बढ़ गया है। दूसरी ओर इजराइल में भी हमलों का असर देखने को मिला है, जहां अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,600 से ज्यादा लोगों को अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

इस संघर्ष का दायरा अब पश्चिम एशिया के अन्य हिस्सों तक भी फैलने लगा है। बहरीन के रक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने अपने क्षेत्र को निशाना बनाकर दागी गई 78 ईरानी मिसाइलों और 143 ड्रोन को मार गिराया है। बहरीन ने इसे ईरान का धोखेबाज हमला बताया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल जमीनी सेना भेजने की संभावना को खारिज करते हुए कहा है कि ऐसा करना समय की बर्बादी होगी। उनका दावा है कि ईरान की नौसेना और सैन्य क्षमता पहले ही काफी कमजोर हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपने हमलों का दायरा और बढ़ाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया तो यह वाशिंगटन के लिए बड़ी आपदा साबित होगा।

विश्लेषकों का मानना है कि यह युद्ध अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुका है। यदि नागरिक ठिकानों पर हमलों की पुष्टि होती है, खासकर मीनाब के स्कूल हमले की, तो इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध माना जा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह संघर्ष न केवल सैन्य बल्कि कूटनीतिक और मानवीय स्तर पर भी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती बन सकता है।