Tehran Bunker Attack | तेहरान में खामेनेई के अंडरग्राउंड बंकर पर इजरायल का हमला, IDF ने जारी किया ऑपरेशन का वीडियो
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Tehran Bunker Attack
तेहरान में खामेनेई से जुड़े अंडरग्राउंड बंकर पर इजरायल का हमला.
ऑपरेशन “Roar of the Harrier” में 50 फाइटर जेट्स शामिल.
युद्ध के बीच ईरान में इंटरनेट कनेक्टिविटी लगभग ठप.
Iran / मध्य पूर्व में जारी इजरायल-ईरान संघर्ष अब और ज्यादा गंभीर रूप लेता जा रहा है। युद्ध के सातवें दिन इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने एक वीडियो जारी कर बड़ा दावा किया है। इजरायली सेना के अनुसार उसकी वायुसेना ने तेहरान में स्थित उस अंडरग्राउंड सैन्य बंकर को निशाना बनाया था, जहां ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मौजूद बताए जा रहे थे। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उनकी मौत की खबर आने से पहले वे इसी बंकर में थे।
इजरायली सेना का कहना है कि इस ऑपरेशन में करीब 50 फाइटर जेट्स ने हिस्सा लिया और तेहरान के भीतर ईरानी शासन के एक महत्वपूर्ण परिसर के नीचे बने इस गुप्त बंकर को निशाना बनाया गया। सेना के मुताबिक इस हमले को “ऑपरेशन Roar of the Harrier” के तहत अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई में बंकर को पूरी तरह तबाह कर दिया गया और उसे भविष्य में इस्तेमाल होने से पहले ही नष्ट कर दिया गया।
इजरायल का दावा है कि यह बंकर एक इमरजेंसी मिलिट्री कमांड सेंटर के रूप में बनाया गया था। संकट की स्थिति में ईरान का सर्वोच्च नेतृत्व यहां से सैन्य फैसले ले सकता था और विभिन्न सैन्य अभियानों को संचालित कर सकता था। इस तरह के कमांड सेंटर को आमतौर पर बेहद सुरक्षित और गुप्त स्थानों पर बनाया जाता है ताकि युद्ध के समय नेतृत्व को सुरक्षित रखा जा सके और सैन्य संचालन जारी रखा जा सके।
इजरायली अधिकारियों के मुताबिक खामेनेई की मौत के बाद भी यह परिसर ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। ऐसे में इस बंकर को निशाना बनाकर इजरायल ने ईरान के सैन्य और राजनीतिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश की है।
इसी बीच इजरायल ने शुक्रवार को ईरान और लेबनान में भी नए हवाई हमले किए हैं। इजरायली सेना का कहना है कि वह इस युद्ध को मध्य पूर्व में एक नए चरण तक ले जाने की तैयारी कर रहा है। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और कई देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिए गए हैं।
यह संघर्ष अब सातवें दिन में पहुंच चुका है और धीरे-धीरे पूरे पश्चिम एशिया में फैलता दिखाई दे रहा है। इस युद्ध में कई वैश्विक शक्तियों के अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने की भी चर्चा है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार और परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ने लगा है। खासतौर पर तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर कई देशों में चिंता बढ़ रही है।
तेहरान में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। शुक्रवार सुबह शहर में कई जगह तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इजरायल का कहना है कि वह तेहरान में ईरानी शासन से जुड़े ढांचों को निशाना बना रहा है। हालांकि इन हमलों के कारण आम नागरिकों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल भी बढ़ गया है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ईरान में इंटरनेट सेवाएं भी काफी हद तक प्रभावित हो गई हैं। इंटरनेट मॉनिटरिंग संगठन NetBlocks के अनुसार देश में इंटरनेट कनेक्टिविटी लगभग 1 प्रतिशत तक गिर गई है। इससे बाहर की दुनिया तक वहां की वास्तविक स्थिति की जानकारी पहुंचना काफी मुश्किल हो गया है।
तेहरान की आमतौर पर भीड़भाड़ वाली सड़कों पर अब सन्नाटा नजर आने लगा है। कई लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार शहर में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है और कई इलाकों में कड़ा नियंत्रण रखा जा रहा है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की कोशिश कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह के हमले जारी रहे तो यह संघर्ष और ज्यादा व्यापक हो सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह युद्ध किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या कूटनीतिक प्रयासों से हालात को शांत किया जा सकेगा।
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