ओडिशा में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता: गंजाम–कंधमाल बॉर्डर पर मुठभेड़ में 2 माओवादी ढेर

Mon 23-Feb-2026,08:34 PM IST +05:30

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ओडिशा में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता: गंजाम–कंधमाल बॉर्डर पर मुठभेड़ में 2 माओवादी ढेर Odisha News
  • कराडा जंगल में मुठभेड़, 2 माओवादी ढेर.

  • दोनों पर 27.50 लाख रुपये का इनाम.

  • हथियार बरामद, सर्च ऑपरेशन जारी. 

Odisha / Ganjam :

Ganjam / ओडिशा के गंजाम–कंधमाल सीमा से लगे घने जंगलों में रविवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए। यह कार्रवाई कंधमाल जिले के राइकीया थाना क्षेत्र के कराडा जंगल में हुई। पुलिस अधीक्षक हरीश बीसी ने बताया कि मारे गए माओवादियों की पहचान एरिया कमेटी सदस्य जगेश और भाकपा (माओवादी) की पार्टी सदस्य रश्मि के रूप में हुई है। दोनों पर कुल 27.50 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस के अनुसार, दोनों माओवादी केकेबीएन (कालाहांडी–कंधमाल–बौध–नयागढ़) डिवीजन से जुड़े सक्रिय सदस्य थे और जिले में कई हिंसक घटनाओं में उनकी संलिप्तता रही थी। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई। पिछले दो दिनों से इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया जा रहा था, क्योंकि इन जंगलों में माओवादी गतिविधियों की पुख्ता सूचना मिली थी।

रविवार सुबह कराडा वन क्षेत्र में करीब नौ से दस माओवादियों का एक दल दिखाई देने की सूचना मिली। बताया गया कि जैसे ही सुरक्षाबल आगे बढ़े, समूह के दो-तीन सदस्यों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद दो माओवादी ढेर हो गए, जबकि बाकी घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।

मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई में किसी भी सुरक्षाकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है। फिलहाल पूरे इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि फरार माओवादियों का पता लगाया जा सके और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

एसपी हरीश बीसी ने कहा कि 31 मार्च तक राज्यभर में माओवादियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज किया गया था। पिछले सप्ताह भी राइकीया थाना क्षेत्र की इंद्रगढ़ पंचायत में माओवादियों से झड़प हुई थी, जिसमें भारी गोलीबारी के बाद चरमपंथियों को पीछे हटना पड़ा था।

गंजाम और कंधमाल की सीमा लंबे समय से माओवादी गतिविधियों के कारण संवेदनशील मानी जाती रही है। यहां के घने जंगल और दुर्गम इलाके अक्सर उग्रवादियों के छिपने के लिए अनुकूल साबित होते हैं। ऐसे में सुरक्षाबलों की यह सफलता क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि केकेबीएन डिवीजन के सक्रिय सदस्यों के मारे जाने से संगठन को बड़ा झटका लगा है। हालांकि, फरार माओवादियों की तलाश जारी है और सुरक्षा एजेंसियां इलाके पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन का उद्देश्य साफ है—माओवादी नेटवर्क को जड़ से खत्म कर प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करना।