लोकयान-26 के तहत INS सुदर्शनी सफागा पहुंचा
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आईएनएस सुदर्शनी ने लोकयान-26 अभियान के तहत 1,832 समुद्री मील की यात्रा कर मिस्र के सफागा बंदरगाह पर सफलतापूर्वक पहुंच दर्ज की।
भारतीय और मिस्र नौसेना अधिकारियों के बीच मुलाकात में समुद्री साझेदारी, प्रशिक्षण सहयोग और अंतर-संचालनीयता बढ़ाने पर जोर।
Delhi/ भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत INS Sudarshini 21 फरवरी 2026 को अपने लोकयान-26 अभियान के तहत मिस्र के सफागा बंदरगाह पहुंचा। 16 दिनों में 1,832 समुद्री मील की दूरी तय करते हुए सलालाह से सफागा तक की यह यात्रा चालक दल के कौशल, सहनशक्ति और पेशेवर दक्षता का प्रतीक मानी जा रही है। इस आगमन ने भारत और मिस्र के बीच समुद्री सहयोग को नई मजबूती दी है।
सफागा पहुंचने पर मिस्र की नौसेना के अधिकारियों और भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों ने पोत का गर्मजोशी से स्वागत किया। आईएनएस सुदर्शनी के कमांडिंग ऑफिसर ने रेड सी और सफागा नौसेना बेस के बेस कमांडर रियर एडमिरल रामी अहमद इस्माइल मोहम्मद से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई।
भारतीय नौसेना ने बंदरगाह प्रवास के दौरान मिस्र के नौसैनिकों के साथ पेशेवर संवाद, प्रशिक्षण पद्धतियों का आदान-प्रदान और सामुदायिक संपर्क गतिविधियों की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य नौसैनिक सहयोग, अंतर-संचालनीयता और द्विपक्षीय सद्भावना को मजबूत करना है।
इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण चरण अदन की खाड़ी और लाल सागर से होकर गुजरना रहा, जहां पोत ने चुनौतीपूर्ण मौसम और भारी समुद्री यातायात के बीच सफलतापूर्वक संचालन किया। यह भारतीय नौसेना के उच्च स्तर के समुद्री कौशल और अनुशासन को दर्शाता है।
आईएनएस सुदर्शनी की यह यात्रा “मैत्री के सेतु” पहल के तहत समुद्री संपर्क बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। यह दौरा भारत और मिस्र के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों और नौसैनिक सहयोग की निरंतरता को भी रेखांकित करता है। लोकयान-26 अभियान के माध्यम से भारतीय नौसेना वैश्विक समुद्री साझेदारियों को मजबूत करने और प्रशिक्षण उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही है।