योगी ने विस्थापित परिवारों को दिए भूमि अधिकार, लखीमपुर में बड़ा कार्यक्रम

Sat 11-Apr-2026,04:06 PM IST +05:30

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योगी ने विस्थापित परिवारों को दिए भूमि अधिकार, लखीमपुर में बड़ा कार्यक्रम Yogi-Adityanath-Land-Rights-Displaced-Families-Lakhimpur
  • योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर-खीरी में 331 विस्थापित हिंदू परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र दिए, पुनर्वास की दिशा में बड़ा कदम।

  • 4,356 थारू परिवारों और 2,350 विस्थापित परिवारों को हजारों हेक्टेयर भूमि का मालिकाना अधिकार, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा।

Uttar Pradesh / Lakhimpur :

Lakhimpur Kheri/ लखीमपुर-खीरी में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह केवल अधिकार देने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की ओर एक ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि दशकों से विस्थापित परिवारों की अधूरी यात्रा अब पूरी हो रही है। उन्होंने इसे न्याय और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह पहल इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगी।

इस कार्यक्रम के तहत 4,356 थारू परिवारों को कुल 5,338 हेक्टेयर भूमि का मालिकाना अधिकार दिया गया। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश से वर्ष 1955 में विस्थापित 2,350 परिवारों को 4,251 हेक्टेयर भूमि का अधिकार प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ये परिवार अपनी जमीन के मालिक बनकर अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं।

उन्होंने ‘डबल इंजन’ सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर गरीबों और वंचितों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर लागू करना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि विकास और पुनर्वास एक साथ चलना चाहिए, ताकि समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिल सके।

इस पहल से हजारों परिवारों को न केवल जमीन का अधिकार मिला है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सरकार विस्थापित और वंचित वर्गों के पुनर्वास को प्राथमिकता दे रही है और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है।