तीन महीने तक एयरलाइंस को मिलेगी बड़ी राहत

Wed 08-Apr-2026,01:51 PM IST +05:30

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तीन महीने तक एयरलाइंस को मिलेगी बड़ी राहत Aera-Airport-Charges-Cut-25-Percent
  • AERA ने घरेलू उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25% की कटौती कर एयरलाइंस को बढ़ती लागत के बीच बड़ी राहत देने का फैसला किया। 

  • शुल्क में कमी से एयरलाइंस के परिचालन खर्च घटेंगे, जिससे नकदी प्रवाह सुधरेगा और यात्रियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से किराए में राहत मिल सकती है।

Delhi / New Delhi :

Delhi/ भारतीय विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण ने सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर घरेलू उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब एयरलाइंस बढ़ती ईंधन कीमतों और परिचालन लागत के दबाव से जूझ रही हैं। इस निर्णय से विमानन उद्योग को अल्पकालिक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

AERA द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले तीन महीनों तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद नियामक संस्था इस फैसले की समीक्षा करेगी और बाजार की स्थिति के आधार पर इसे बढ़ाने या संशोधित करने पर निर्णय लिया जाएगा।

लैंडिंग और पार्किंग शुल्क एयरलाइनों के परिचालन खर्च का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। खासकर उन एयरलाइनों के लिए जो बड़े बेड़े का संचालन करती हैं, यह लागत काफी अधिक होती है। ऐसे में 25 प्रतिशत की कटौती से एयरलाइंस के खर्च में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से एयरलाइंस के मार्जिन और नकदी प्रवाह में सुधार हो सकता है। इससे घरेलू उड़ानों के संचालन में स्थिरता आएगी और यात्रियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकता है, क्योंकि एयरलाइंस किराए को नियंत्रित रखने में सक्षम होंगी।

यह निर्णय AERA द्वारा विनियमित सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर लागू होगा, जिससे देशभर की घरेलू एयरलाइंस को समान रूप से लाभ मिलेगा। मौजूदा परिस्थितियों में यह कदम विमानन क्षेत्र के लिए एक राहत पैकेज के रूप में देखा जा रहा है।

AERA ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह राहत अस्थायी है और तीन महीने बाद इसका पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। समीक्षा के दौरान बाजार की मांग, एयरलाइंस की वित्तीय स्थिति और उद्योग की समग्र परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा। इस फैसले से उम्मीद है कि विमानन उद्योग को मौजूदा चुनौतियों से उबरने में मदद मिलेगी और घरेलू उड़ानों की निरंतरता बनी रहेगी।