कर्नाटक में कैबिनेट बर्थ को लेकर खींचतान, विधायक पहुंचे दिल्ली

Sat 11-Apr-2026,03:34 PM IST +05:30

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कर्नाटक में कैबिनेट बर्थ को लेकर खींचतान, विधायक पहुंचे दिल्ली Karnataka-Congress-Cabinet-Expansion-Mla-Delhi-Meeting
  • कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार को लेकर कांग्रेस विधायकों में खींचतान, करीब 35 विधायक दिल्ली जाकर हाईकमान से मुलाकात करेंगे।

  • खड़गे और राहुल गांधी करेंगे अंतिम फैसला, कैबिनेट गठन में राजनीतिक संतुलन बनाए रखना कांग्रेस के लिए बड़ी परीक्षा।

Karnataka / Bengaluru :

Karnataka/ कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के भीतर कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मंत्री पद को लेकर पार्टी विधायकों के बीच दावेदारी बढ़ने से आंतरिक खींचतान भी खुलकर सामने आने लगी है। जानकारी के मुताबिक, करीब 35 विधायक अपनी मांगों को लेकर नई दिल्ली पहुंचने की तैयारी में हैं, जहां वे पार्टी नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, ये विधायक पार्टी हाईकमान के सामने अपनी दावेदारी पेश करेंगे और कैबिनेट में शामिल होने के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे। कर्नाटक में सरकार बनने के बाद से ही कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा जारी है, लेकिन अब यह मुद्दा और ज्यादा गंभीर हो गया है।

मुख्यमंत्री Siddaramaiah और उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar के सामने सबसे बड़ी चुनौती सभी क्षेत्रों, जातियों और समूहों को संतुलित प्रतिनिधित्व देना है। सीमित मंत्री पदों के कारण कई विधायकों को जगह देना संभव नहीं है, जिससे असंतोष बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

दिल्ली में होने वाली बैठकें इस पूरे घटनाक्रम में अहम मानी जा रही हैं। पार्टी के शीर्ष नेता Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi इस मामले में अंतिम निर्णय ले सकते हैं। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कैबिनेट गठन में राजनीतिक संतुलन बना रहे और किसी भी वर्ग की उपेक्षा न हो।

एक विधायक ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि सभी नेता अपनी-अपनी दावेदारी को लेकर गंभीर हैं और दिल्ली जाकर अपनी बात रखना चाहते हैं। उनका कहना है कि अंतिम फैसला हाईकमान के हाथ में है और वही तय करेगा कि किसे मंत्री पद मिलेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति कांग्रेस के लिए एक बड़ी परीक्षा है। यदि संतुलन साधने में चूक होती है, तो इससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ सकता है। वहीं, सही रणनीति अपनाने पर पार्टी अपनी एकजुटता को बनाए रख सकती है। फिलहाल, सभी की नजर दिल्ली में होने वाली बैठकों पर टिकी है, जहां से कर्नाटक कैबिनेट विस्तार की दिशा तय होगी।