महात्मा फुले जयंती पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, 200वीं वर्षगांठ शुरू
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
PM-Modi-Tribute-Mahatma-Phule-200th-Birth-Anniversary
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए समाज सुधार में उनके योगदान को याद किया।
महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए फुले के प्रयासों को सशक्तिकरण का आधार बताते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें प्रेरणास्रोत कहा।
Delhi/ महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री ने फुले को भारत के महान समाज सुधारकों में से एक बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक समानता, न्याय और शिक्षा के विस्तार के लिए समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि महात्मा फुले ने महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए अग्रणी भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से शिक्षा समाज में सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी और समाज के कमजोर वर्गों को नई दिशा मिली।
इस वर्ष महात्मा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर विशेष समारोहों की शुरुआत की जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अवसर न केवल उनके जीवन और विचारों को याद करने का है, बल्कि उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का भी है।
प्रधानमंत्री ने एक लेख साझा करते हुए लिखा कि महात्मा फुले आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणापुंज बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, ज्ञान और जनकल्याण पर फुले का जोर आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक है और समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महात्मा फुले के विचार सामाजिक सुधारों की दिशा में मार्गदर्शक का कार्य करते हैं और आने वाली पीढ़ियों को समानता और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी श्रृंखला में प्रधानमंत्री ने मराठी और हिंदी दोनों भाषाओं में अपने विचार साझा किए। उन्होंने फुले के योगदान को सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला बताते हुए उन्हें नमन किया।
सरकार द्वारा आयोजित 200वीं जयंती समारोहों के तहत देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनका उद्देश्य महात्मा फुले के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि महात्मा फुले के विचार समाज की प्रगति के प्रयासों में निरंतर मार्गदर्शन करते रहेंगे और उनके आदर्श भारत के सामाजिक ढांचे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।