ईरान-अमेरिका वार्ता से पहले इस्लामाबाद किला बना, भारी सुरक्षा तैनात

Fri 10-Apr-2026,03:15 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

ईरान-अमेरिका वार्ता से पहले इस्लामाबाद किला बना, भारी सुरक्षा तैनात Islamabad-Security-Iran-US-Talks-Pakistan-Preparation
  • ईरान-अमेरिका वार्ता से पहले इस्लामाबाद में रेड अलर्ट, 10 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात कर शहर को किले में बदला गया।

  • पाकिस्तान इस बैठक को वैश्विक कूटनीतिक अवसर के रूप में देख रहा, दुनिया भर की नजरें इस वार्ता पर टिकी।

Isfahan Province / Isfahan :

Iran US/ ईरान और अमेरिका के बीच संभावित युद्धविराम वार्ता से पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को किले में तब्दील कर दिया गया है। इस बहुप्रतीक्षित बैठक को लेकर पाकिस्तान ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। पूरे शहर में रेड अलर्ट घोषित किया गया है और करीब 10 हजार पुलिस व सैन्य जवानों को तैनात किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल शनिवार को इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। इस बैठक को लेकर पाकिस्तान सरकार और सेना पूरी तरह सतर्क हैं। पाकिस्तान इसे एक बड़े कूटनीतिक मौके के रूप में देख रहा है, जिससे वह वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को मजबूत कर सके।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir ने इस बैठक की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही और संभावित खतरों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस्लामाबाद के रेड जोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है। संसद, सरकारी भवन, दूतावास और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इन क्षेत्रों में आम नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। शहर की प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया गया है और केवल अधिकृत वाहनों को ही अनुमति दी जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था को मल्टी-लेयर सिस्टम के तहत तैयार किया गया है। इसमें पाकिस्तानी सेना, पैरामिलिट्री बल, रेंजर्स और स्थानीय पुलिस को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस्लामाबाद के सभी हाइवे पुलिस के नियंत्रण में हैं, जबकि रेड जोन की सुरक्षा सेना और रेंजर्स के हवाले है। मारगल्ला पहाड़ियों पर भी सेना की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे पर नजर रखी जा सके।

बैठक के मद्देनजर शहर में ब्लू बुक प्रोटोकॉल लागू किया गया है। स्कूल, बाजार और कई संस्थान अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। ट्रैफिक डायवर्जन और चेकिंग के चलते आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। उनके साथ अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की टीम पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुकी है। पाकिस्तान ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच अविश्वास अभी भी बना हुआ है। लेबनान में जारी तनाव के चलते ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। लेकिन हाल के घटनाक्रमों के बाद संकेत मिल रहे हैं कि ईरानी प्रतिनिधि भी वार्ता में शामिल हो सकते हैं।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी है और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया है। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के रुख में भी बदलाव देखने को मिला है, जिससे वार्ता के सफल होने की उम्मीद बढ़ी है।

इस्लामाबाद में होने वाली यह वार्ता न केवल ईरान-अमेरिका संबंधों के लिए अहम है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की शांति और स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बैठक के परिणामों पर टिकी हुई है।