छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर बड़ा वार, हथियारों का जखीरा बरामद
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छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में AK-47 और INSAS समेत हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
DRG और ITBP के संयुक्त सर्च ऑपरेशन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करते हुए नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण का संदेश दिया है।
Mohla-Manpur-Ambagarh Chowki/ छत्तीसगढ़ के Mohla-Manpur-Ambagarh Chowki जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हथियारों का भारी जखीरा बरामद किया है। यह ऑपरेशन 31 मार्च की नक्सलवाद समाप्ति डेडलाइन से ठीक पहले अंजाम दिया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को अहम सफलता मिली है।
जानकारी के अनुसार, मदनवाड़ा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में नक्सली गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तड़के सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक Y.P. Singh ने किया। उनके निर्देशन में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और Indo-Tibetan Border Police की संयुक्त टीम ने इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया।
सुरक्षा बलों की टीम कलवर, कोवाचीटोला और उइकाटोला के बीच स्थित दुर्गम जंगलों में पहुंची, जहां संदिग्ध गतिविधियों के इनपुट के आधार पर ऑपरेशन को तेज किया गया। कई घंटों तक चले सर्च अभियान के दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया एक बड़ा हथियार डंप मिला।
बरामद हथियारों में एक एके-47 राइफल, एक इंसास राइफल और कई मैगजीन शामिल हैं। सुरक्षा बलों के अनुसार, इतनी मात्रा में हथियारों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे। समय रहते इन हथियारों का मिलना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
एसपी वायपी सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर दी है और एरिया डोमिनेशन के तहत सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जवान पूरी तरह तैयार हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से नक्सलियों की योजनाओं को बड़ा झटका लगा है। इससे न केवल संभावित हमलों को रोका जा सका है, बल्कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, यह ऑपरेशन सुरक्षा बलों की सतर्कता और रणनीति का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसने समय रहते नक्सलियों की साजिश को नाकाम कर दिया।