राष्ट्रपति मुर्मु ने CPES-IES अधिकारियों से मुलाकात, नवाचार और विकास पर जोर
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने CPES और IES अधिकारियों से मुलाकात कर राष्ट्र निर्माण, नवाचार और सतत विकास के लिए समर्पण के साथ कार्य करने की सलाह दी।
IES अधिकारियों को आर्थिक नीति, मुद्रास्फीति नियंत्रण, रोजगार सृजन और सामाजिक असमानताओं को कम करने में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
Delhi/ राष्ट्रपति भवन में आज एक महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा (CPES) और भारतीय आर्थिक सेवा (IES) के अधिकारियों ने राष्ट्रपति Droupadi Murmu से भेंट की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने अधिकारियों को राष्ट्र निर्माण में उनकी अहम भूमिका का एहसास कराते हुए समर्पण, नवाचार और सतत सीखने की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी देश के विकास की दिशा तय करने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि CPES और IES के अधिकारी नीतिगत निर्णयों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने वाली नीतियों के निर्माण में उनकी भूमिका को अत्यंत अहम बताया।
केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा के अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बिजली देश के औद्योगिक विकास, नवाचार और जीवन स्तर को सुधारने का मुख्य आधार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इस दिशा में CPES अधिकारियों की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि मजबूत इंजीनियरिंग पद्धतियों और नवाचार के जरिए देश के विद्युत अवसंरचना को सुदृढ़ करना समय की आवश्यकता है।
भारतीय आर्थिक सेवा (IES) के अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने वैश्विक और घरेलू आर्थिक चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बदलते आर्थिक परिदृश्य में आर्थिक नियोजन और नीति निर्माण की जिम्मेदारी पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और असमानताओं को कम करना IES अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
राष्ट्रपति ने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि आर्थिक आंकड़ों के पीछे आम लोगों की जिंदगी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी नीति की सफलता का सही आकलन उसके सामाजिक प्रभाव से होता है, खासकर समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सुधार से।
उन्होंने अधिकारियों को चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर के रूप में देखने की सलाह दी। साथ ही जिज्ञासा, नवाचार और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखने पर जोर दिया।
इस मुलाकात को देश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और युवा अधिकारियों को प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राष्ट्रपति के संदेश ने स्पष्ट किया कि देश के विकास में तकनीकी और आर्थिक सेवाओं की भूमिका आने वाले समय में और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है।