सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी में तेजी, वैश्विक राहत से बाजार में लौटा भरोसा

Tue 24-Mar-2026,04:44 PM IST +05:30

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सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी में तेजी, वैश्विक राहत से बाजार में लौटा भरोसा Sensex-Nifty-Rise-Global-Signals-India-Stock-Market
  • सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी निवेशकों के बढ़ते भरोसे और वैश्विक संकेतों के सुधार का संकेत देती है, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना।

  • डोनाल्ड ट्रंप के नरम रुख और मिडिल ईस्ट तनाव में कमी की उम्मीद से वैश्विक बाजारों में राहत, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखा।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार 24 मार्च को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। निवेशकों के सकारात्मक रुख और अंतरराष्ट्रीय संकेतों के चलते बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex और Nifty 50 दोनों में शानदार उछाल दर्ज किया गया। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक बाजारों में तनाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा लौटता नजर आ रहा है।

दोपहर करीब 11:50 बजे तक सेंसेक्स 814 अंकों की बढ़त के साथ 73,511 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी 255 अंक चढ़कर 22,768 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में यह तेजी कई घरेलू और वैश्विक कारकों के चलते देखने को मिली है, जिसमें निवेशकों की धारणा में सुधार प्रमुख है।

इस तेजी के पीछे एक अहम वजह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हालिया नरम रुख माना जा रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर संभावित कार्रवाई को फिलहाल टालने के संकेत दिए और कूटनीतिक बातचीत की संभावना जताई। इससे वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बना और निवेशकों का विश्वास बढ़ा।

बाजार की दिशा तय करने में एक और महत्वपूर्ण संकेत India VIX से मिला। इंडिया VIX में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और यह 25.60 के स्तर पर पहुंच गया। यह इंडेक्स बाजार में अस्थिरता और निवेशकों की घबराहट को दर्शाता है। VIX में गिरावट को आमतौर पर सकारात्मक संकेत माना जाता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में डर कम हुआ है और निवेशक अधिक आत्मविश्वास के साथ निवेश कर रहे हैं।

इसके अलावा भारतीय रुपये में मजबूती भी बाजार के लिए सहायक साबित हुई। रुपया डॉलर के मुकाबले 93.64 के स्तर पर खुला, जो पिछले स्तर 93.98 से बेहतर है। रुपये में आई इस मजबूती से विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती है और बाजार को समर्थन मिलता है।

वैश्विक संकेत भी बाजार के पक्ष में रहे। एशियाई बाजारों में तेजी और कच्चे तेल के दामों में स्थिरता ने निवेशकों को राहत दी। ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता दिखा, जिससे ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी चिंताओं में कमी आई।

इसके साथ ही, पिछले कारोबारी दिन की गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी का मौका देखा। इस “बॉटम फिशिंग” रणनीति के चलते बाजार में नई ऊर्जा देखने को मिली।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं और घरेलू आर्थिक संकेत मजबूत बने रहते हैं, तो बाजार में यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि भू-राजनीतिक घटनाक्रम अभी भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।