पश्चिम एशिया तनाव के बीच हॉर्मुज से भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित

Sat 28-Mar-2026,06:33 PM IST +05:30

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पश्चिम एशिया तनाव के बीच हॉर्मुज से भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित India-Energy-Supply-Hormuz-Strait-West-Asia-Crisis
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य से भारत के लिए पेट्रोलियम आपूर्ति जारी, ईरान ने मित्र देशों के लिए मार्ग खुला रखने का दिया आश्वासन, ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा असर

  • पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारतीय नौसेना की सक्रिय गश्त, जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित, एलपीजी टैंकर सुरक्षित भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचे

Delhi / Delhi :

New Delhi/ पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से पेट्रोलियम उत्पाद लेकर आ रहे जहाज सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

शनिवार को पेट्रोलियम उत्पादों से लदे दो और वाणिज्यिक जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत की ओर रवाना हुए। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे अहम केंद्र माना जाता है, जहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत पेट्रोलियम कारोबार गुजरता है। मौजूदा तनाव के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट देखी गई है, लेकिन भारत के लिए राहत की बात यह है कि उसकी आपूर्ति श्रृंखला फिलहाल सुरक्षित बनी हुई है।

ईरान ने इस बीच भारत समेत कुछ देशों के लिए इस जलमार्ग को खुला रखने का भरोसा दिया है। ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि भारत, चीन और रूस जैसे देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने में कोई बाधा नहीं होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की संतुलित विदेश नीति और कूटनीतिक रिश्तों के कारण उसे इस संकट में भी फायदा मिल रहा है।

भारतीय नौसेना भी इस स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क है। समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए युद्धपोत लगातार गश्त कर रहे हैं, जिससे भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि एलपीजी से लदे चार जहाज पहले ही सुरक्षित भारतीय बंदरगाहों तक पहुंच चुके हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फारस की खाड़ी में इस समय करीब 20 भारतीय जहाज सक्रिय हैं, जिनमें 500 से अधिक भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है, जो स्थिति के नियंत्रण में होने का संकेत देता है।

वहीं, देश के प्रमुख बंदरगाहों पर भी परिचालन सामान्य बना हुआ है। माल की आवाजाही में किसी तरह की देरी या बाधा नहीं देखी जा रही है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि ऊर्जा आपूर्ति पर कोई असर न पड़े।