No Kings Protest: आखिर क्यों सड़कों पर उतरे लाखों अमेरिकी? ट्रंप नीतियों पर बड़ा विरोध!

Sun 29-Mar-2026,01:50 PM IST +05:30

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No Kings Protest: आखिर क्यों सड़कों पर उतरे लाखों अमेरिकी? ट्रंप नीतियों पर बड़ा विरोध! No Kings Protest USA
  • देशभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन. 

  • महंगाई और इमिग्रेशन नीति पर विरोध.

  • ज्यादातर जगहों पर शांतिपूर्ण मार्च. 

American Samoa / :

America / अमेरिका में 28 मार्च 2026 को “No Kings” नाम से बड़े स्तर पर प्रदर्शन देखने को मिले, जहां हजारों लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते नजर आए। ये विरोध खास तौर पर Donald Trump की नीतियों, बढ़ती महंगाई और ईरान के साथ बढ़ते तनाव को लेकर था। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, देश के लगभग हर हिस्से में लोगों ने हिस्सा लिया—बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों तक विरोध की लहर साफ दिखाई दी।

New York City में प्रदर्शनकारी मिडटाउन मैनहटन से मार्च करते हुए आगे बढ़े। यहां लोगों ने इमिग्रेशन नीति, ट्रंप प्रशासन और विदेश नीति के खिलाफ नारे लगाए। वहीं San Francisco में एम्बारकाडेरो प्लाजा से लेकर सिविक सेंटर प्लाजा तक लंबा मार्च निकाला गया। इस दौरान अमेरिकी झंडों के साथ यूक्रेन और ट्रांसजेंडर अधिकारों के समर्थन में भी बैनर दिखाई दिए, जो इस आंदोलन के व्यापक सामाजिक मुद्दों को दर्शाते हैं।

Saint Paul में एक बड़ी रैली आयोजित हुई, जिसमें मशहूर गायक Bruce Springsteen ने प्रस्तुति दी। उन्होंने मिनेसोटा को पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया और लोगों के साहस की सराहना की। साथ ही, उन्होंने जनवरी में इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान मारे गए एलेक्स प्रीटी और रेनी गुड को याद करते हुए इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाने की अपील की।

मिनेसोटा के गवर्नर Tim Walz ने भी इन सख्त नीतियों की आलोचना की और कहा कि सरकार की कार्रवाई से जनता में नाराजगी बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि “No Kings” प्रदर्शन की यह तीसरी बड़ी लहर है, इससे पहले भी लाखों लोग इस आंदोलन में शामिल हो चुके हैं।

इन प्रदर्शनों के पीछे बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों में इजाफा और अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार जैसे कारण अहम माने जा रहे हैं, जिनका संबंध मिडिल ईस्ट में जारी तनाव से भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि West Palm Beach में कुछ जगहों पर समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस हुई, लेकिन अधिकांश स्थानों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहे।