स्वास्थ्य बीमा पर GST हटाने की मांग, राघव चड्ढा बोले– सेहत पर टैक्स अन्यायपूर्ण
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राघव चड्ढा ने स्वास्थ्य बीमा पर लगने वाले GST को जनविरोधी बताते हुए इसे पूरी तरह हटाने की मांग की।
सांसद का कहना है कि बीमा कोई लग्जरी नहीं, बल्कि आम नागरिक की बुनियादी स्वास्थ्य सुरक्षा है।
GST हटने से स्वास्थ्य बीमा सस्ता होगा और ज्यादा लोग इलाज के लिए आर्थिक रूप से सुरक्षित हो सकेंगे।
नई दिल्ली / देश में स्वास्थ्य बीमा को लेकर आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ के बीच आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक बार फिर स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर लगाए गए GST को हटाने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया है। उन्होंने कहा कि इलाज पहले ही महंगा हो चुका है और ऊपर से बीमा पर टैक्स लगाकर सरकार आम लोगों की सेहत को भी टैक्स के दायरे में ले आई है।
राघव चड्ढा ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा कोई लग्जरी नहीं बल्कि एक आवश्यक जरूरत है। मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवार गंभीर बीमारियों के समय बीमा पर निर्भर रहते हैं, लेकिन 18 प्रतिशत तक GST लगने से बीमा प्रीमियम लगातार महंगा होता जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं हैं, तो उन पर टैक्स क्यों लगाया जा रहा है।
सांसद ने यह भी कहा कि कोरोना महामारी के बाद लोगों में स्वास्थ्य बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ी है, लेकिन ऊंचे प्रीमियम और GST के कारण कई परिवार बीमा लेने से पीछे हट रहे हैं। इससे भविष्य में इलाज के समय उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि स्वास्थ्य बीमा को पूरी तरह GST मुक्त किया जाए।
राघव चड्ढा के अनुसार, कई विकसित और विकासशील देशों में स्वास्थ्य बीमा को टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग बीमा सुरक्षा से जुड़ सकें। भारत जैसे देश में, जहां स्वास्थ्य खर्च तेजी से बढ़ रहा है, वहां बीमा पर टैक्स हटाना जनहित में जरूरी कदम होगा।
इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कई यूजर्स ने कहा कि यदि GST हटाया जाता है तो स्वास्थ्य बीमा सस्ता होगा और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब निगाहें सरकार और GST काउंसिल की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि क्या इस मांग पर कोई ठोस फैसला लिया जाएगा या नहीं।