राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को दी श्रद्धांजलि, विजयवाड़ा में राष्ट्रीय सरस मेले में होंगी शामिल

Thu 15-Oct-2026,12:51 PM IST +05:30

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को दी श्रद्धांजलि, विजयवाड़ा में राष्ट्रीय सरस मेले में होंगी शामिल APJ Abdul Kalam Jayanti
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को जयंती पर श्रद्धांजलि दी।

  • विजयवाड़ा में राष्ट्रीय सरस मेले में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति।

  • डॉ. कलाम के वैज्ञानिक योगदान और युवाओं को प्रेरित करने वाले विचारों को किया गया याद।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने देश के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति का यह दौरा राष्ट्रीय सरस मेले से भी जुड़ा है, जहां देश की सांस्कृतिक विविधता और ग्रामीण प्रतिभाओं की झलक देखने को मिलेगी।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज, 15 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को भारत के महान वैज्ञानिकों और लोकप्रिय राष्ट्रपतियों में गिना जाता है। उन्होंने देश के अंतरिक्ष और रक्षा अनुसंधान कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी सादगी, वैज्ञानिक सोच और युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाली विचारधारा आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्हें अक्सर ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से भी याद किया जाता है।

डॉ. कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। वर्ष 2002 से 2007 तक उन्होंने भारत के राष्ट्रपति के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उनका मानना था कि देश का भविष्य उसके युवाओं की सोच, शिक्षा और मेहनत पर निर्भर करता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इन दिनों विजयवाड़ा में आयोजित राष्ट्रीय सरस मेले में शामिल होने के लिए पहुंची हैं। यह मेला ग्रामीण कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों के उत्पादों को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण महिलाओं और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रचार और बिक्री के अवसर मिलते हैं।

डॉ. कलाम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करना देश के प्रति उनके योगदान और प्रेरणादायक विचारों को याद करने का अवसर है।