Bihar / Patna : Patna / बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव खुद के नाम वोटर लिस्ट में न होने की शिकायत उठाकर एक ऐसे विवाद में उलझ गए हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। कथित रूप से दो-दो वोटर आईडी कार्ड रखने के आरोप में अब चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर सफाई मांगी है। इसके साथ ही पटना के दीघा थाने में एक वकील द्वारा एफआईआर भी दर्ज करा दी गई है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब तेजस्वी यादव ने वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में अपने नाम को न पाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि उनका नाम ड्राफ्ट से गायब है। इसके बाद पटना जिला प्रशासन ने 2020 के विधानसभा चुनाव के हलफनामे में दिए गए वोटर कार्ड के आधार पर उनके नाम को सूची में खोज निकाला। यहां एक और वोटर कार्ड सामने आया जिससे दोनों कार्डों के नंबर में मामूली फर्क मिला। यहीं से सवाल खड़ा हुआ कि क्या तेजस्वी यादव के नाम से दो अलग-अलग वोटर आईडी कार्ड हैं?
बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर तेजस्वी पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा, “हड़बड़ी में बियाह कनपट्टी में सिंदूर” — यह कहावत कभी लालू प्रसाद यादव अपने विरोधियों पर बोलते थे, और आज वही बात तेजस्वी पर लागू हो रही है। नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के पास दो से अधिक वोटर कार्ड हो सकते हैं और वे जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि तेजस्वी पर IPC की धारा 171-F और अन्य आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए, उनका वोटिंग अधिकार निलंबित किया जाए, और यह भी जांच की जाए कि कहीं आरजेडी कार्यालय से फर्जी वोटर आईडी तो नहीं बनाए जा रहे।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि तेजस्वी यादव एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी चुनौती में फंस गए हैं, जिससे बाहर निकलना आसान नहीं होगा।