हिमंता बिस्वा सरमा फिर बने NDA विधायक दल के नेता, 12 मई को लेंगे CM पद की शपथ

Sun 10-May-2026,12:42 PM IST +05:30

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हिमंता बिस्वा सरमा फिर बने NDA विधायक दल के नेता, 12 मई को लेंगे CM पद की शपथ Himanta Biswa Sarma Oath
  • हिमंता बिस्वा सरमा फिर चुने गए NDA नेता. 

  • 12 मई को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ. 

  • असम में NDA ने हासिल किया दो-तिहाई बहुमत. 

Assam / Guwahati :

Guwahati / असम की राजनीति में एक बार फिर हिमंता बिस्वा सरमा का कद और मजबूत हो गया है। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया है। अब वह 12 मई को लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।

गुवाहाटी में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी केंद्रीय पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने बताया कि भाजपा के आठ विधायकों ने हिमंता बिस्वा सरमा के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी सहयोगी दलों ने समर्थन दिया।

एनडीए के सहयोगी दल Asom Gana Parishad और Bodoland People's Front ने भी सरमा के नेतृत्व पर भरोसा जताया। इसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, हिमंता बिस्वा सरमा और एनडीए के वरिष्ठ नेता राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात कर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा नीत एनडीए ने बड़ी जीत दर्ज की है। 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने अकेले 82 सीटें हासिल कीं, जबकि एजीपी और बीपीएफ को 10-10 सीटें मिलीं। इस जीत के साथ भाजपा लगातार तीसरी बार असम में सरकार बनाने जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमंता बिस्वा सरमा की लोकप्रियता, आक्रामक चुनावी रणनीति और संगठन पर मजबूत पकड़ ने भाजपा को यह बड़ी सफलता दिलाई है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने असम में बुनियादी ढांचे, कानून-व्यवस्था और निवेश से जुड़े कई बड़े फैसले लिए, जिसका असर चुनाव नतीजों में भी दिखाई दिया।

12 मई को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह बेहद भव्य होने की उम्मीद है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं।

असम में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनने को पार्टी पूर्वोत्तर भारत में अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक सफलता के रूप में देख रही है। वहीं विपक्ष के लिए यह नतीजा आने वाले समय में नई चुनौती माना जा रहा है।