बंगाल चुनाव से पहले 173 पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर, आयोग सख्त

Mon 30-Mar-2026,04:33 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

बंगाल चुनाव से पहले 173 पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर, आयोग सख्त West-Bengal-Election-Officer-Transfer-EC
West Bengal / Kolkata :

West Bengal Election/ पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच Election Commission of India लगातार सख्त कदम उठा रहा है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद आयोग ने राज्य में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 173 पुलिस स्टेशनों के इंचार्ज अधिकारियों और इंस्पेक्टरों का तबादला कर दिया है। इस सूची में Kolkata पुलिस के अंतर्गत आने वाले 31 थानों के अधिकारी भी शामिल हैं।

इस कदम का उद्देश्य आगामी चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र रूप से संपन्न कराना है। आयोग का मानना है कि इस तरह के तबादलों से स्थानीय स्तर पर प्रभाव को कम किया जा सकता है और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।

तबादले की इस सूची में भवानीपुर और Nandigram जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों के अधिकारी भी शामिल हैं। भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी Suvendu Adhikari के बीच मुकाबला होने की संभावना है, जिससे यह सीट वीआईपी मानी जा रही है।

इसके अलावा कूच बिहार, मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पश्चिम मेदिनीपुर, हावड़ा और उत्तर व दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में तैनात कई इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को भी स्थानांतरित किया गया है। आयोग के आदेश के अनुसार, स्पेशल टास्क फोर्स में तैनात रहे सौमित्र बसु को भवानीपुर थाने का प्रभारी बनाया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अलावा प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। आयोग ने पुरबा मेदिनीपुर जिले में 14 ब्लॉक डेवलपमेंट अधिकारियों का तबादला किया है, जिनमें नंदीग्राम-I और नंदीग्राम-II ब्लॉक के अधिकारी शामिल हैं। इससे पहले आयोग 18 जिलों में 83 बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों का भी तबादला कर चुका है।

इन जिलों में कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया, हावड़ा, हुगली, पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर, पुरुलिया, बांकुड़ा और बीरभूम शामिल हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि इन तबादलों का मकसद चुनाव के दौरान निष्पक्षता सुनिश्चित करना और प्रशासनिक मशीनरी को किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त रखना है।

हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले भी ऐसे तबादलों पर सवाल उठाते हुए इन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।