I4C Digital Strike | क्या अब खत्म होगा साइबर फ्रॉड? हजारों अकाउंट, सिम और ऐप्स ब्लॉक

Mon 30-Mar-2026,04:56 PM IST +05:30

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I4C Digital Strike | क्या अब खत्म होगा साइबर फ्रॉड? हजारों अकाउंट, सिम और ऐप्स ब्लॉक I4C-Cyber-Crime-Action-Sim-Account-Block
  • I4C ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 83 हजार व्हाट्सएप अकाउंट, हजारों स्काइप आईडी और लाखों सिम कार्ड ब्लॉक किए।

  • सहयोग पोर्टल के जरिए 1 लाख से अधिक संदिग्ध ऑनलाइन कंटेंट हटाए गए, जिससे इंटरनेट पर फर्जी योजनाओं और धोखाधड़ी पर रोक लगाने में मदद मिली।

Delhi / New Delhi :

Delhi/ देशभर में बढ़ते साइबर अपराध पर सख्ती दिखाते हुए Indian Cyber Crime Coordination Centre ने बड़े पैमाने पर डिजिटल स्ट्राइक की है। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली इस एजेंसी ने साल 2025 से अब तक चलाए गए अभियान में हजारों संदिग्ध अकाउंट्स, सिम कार्ड और मोबाइल डिवाइस को ब्लॉक कर दिया है।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई के तहत 83,867 व्हाट्सएप अकाउंट और 3,962 स्काइप आईडी को पूरी तरह बंद किया गया है। इसके अलावा, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) सिस्टम के जरिए 8.45 लाख सिम कार्ड और 2.39 लाख मोबाइल आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए गए हैं। यह कार्रवाई देश में डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी पहल में से एक मानी जा रही है।

गृह मंत्रालय ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए पुलिस विभाग, दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित किया। इस संयुक्त प्रयास के चलते उन नेटवर्क्स पर सीधा प्रहार किया गया, जो फर्जी पहचान पत्रों के जरिए सिम कार्ड और अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहे थे।

साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल ऐप्स पर भी बड़ी कार्रवाई की गई है। कुल 827 संदिग्ध मोबाइल एप्लिकेशन को बैन कर दिया गया है, जो लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए तैयार किए गए थे। इन ऐप्स के हटने से साइबर अपराधियों के तकनीकी ढांचे को बड़ा नुकसान हुआ है।

इसके साथ ही, Sahyog Portal की मदद से 1,11,185 संदिग्ध ऑनलाइन कंटेंट को इंटरनेट से हटाया गया है। यह कंटेंट लोगों को धोखा देने, फर्जी योजनाओं का प्रचार करने और संवेदनशील जानकारी हासिल करने के उद्देश्य से डाला गया था।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की डिजिटल कार्रवाई से साइबर अपराधियों के ऑपरेशन को गंभीर झटका लगता है, क्योंकि उनके पास नए सिम, डिवाइस और प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच सीमित हो जाती है। इससे आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने में मदद मिलती है।

गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि अब उन नेटवर्क्स की पहचान की जा रही है, जो संगठित तरीके से साइबर अपराध को अंजाम दे रहे थे। इन नेटवर्क्स में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है।

आई4सी की इस पहल से यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। आने वाले समय में भी ऐसे अभियानों को और तेज किए जाने की संभावना है, ताकि साइबर अपराध को जड़ से खत्म किया जा सके।