दिल्ली बॉर्डर से लश्कर आतंकी शब्बीर लोन गिरफ्तार, बड़ा खुलासा

Mon 30-Mar-2026,06:04 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

दिल्ली बॉर्डर से लश्कर आतंकी शब्बीर लोन गिरफ्तार, बड़ा खुलासा Shabbir-Lone-Arrest-Delhi-Terror-Module
  • दिल्ली बॉर्डर से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी, बांग्लादेश से संचालित आतंकी नेटवर्क का बड़ा खुलासा।

  • जांच में सामने आया कि आईएसआई के इशारे पर चल रहा था मॉड्यूल, फर्जी दस्तावेजों और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भारत में गतिविधियां संचालित।

Delhi / Delhi :

Delhi/ राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba से जुड़े संदिग्ध आतंकी Shabbir Ahmad Lone को दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शब्बीर अहमद लोन बांग्लादेश में रहकर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence के निर्देश पर संचालित हो रहा था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी एक बड़े आतंकी मॉड्यूल के खुलासे की कड़ी है।

जानकारी के मुताबिक, लोन पहले भी आतंकवाद के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2007 में दिल्ली पुलिस ने उसे आतंकी गतिविधियों के आरोप में पकड़ा था। हालांकि, 2019 में जमानत मिलने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया था। वहां पहुंचकर उसने एक नए आतंकी नेटवर्क का गठन किया, जो धीरे-धीरे भारत के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा था।

शब्बीर अहमद लोन जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह हाल ही में पकड़े गए एक बड़े टेरर मॉड्यूल का मास्टरमाइंड है। फरवरी 2026 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 7 बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे।

जांच में यह भी सामने आया कि ये लोग फर्जी आधार कार्ड के जरिए अपनी पहचान छिपाकर भारत में रह रहे थे। इस नेटवर्क का संचालन बांग्लादेश से किया जा रहा था और इसका हैंडलर शब्बीर लोन ही था। यह मॉड्यूल देश के बड़े शहरों, खासकर दिल्ली में हमलों की साजिश रच रहा था।

एजेंसियों के अनुसार, लोन का मुख्य काम युवाओं को कट्टरपंथी बनाना और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करना था। वह अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों को निशाना बनाता था और उन्हें फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराता था। साथ ही, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए अपने नेटवर्क के संपर्क में रहता था, जिससे उसकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।

गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, फंडिंग स्रोतों और भारत में इसके विस्तार की गहराई से जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर इस नेटवर्क को किस तरह मदद मिल रही थी।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।