छत्तीसगढ़ में पाइपलाइन से घर-घर PNG गैस पहुंचाने की बड़ी योजना शुरू

Fri 10-Apr-2026,11:54 AM IST +05:30

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छत्तीसगढ़ में पाइपलाइन से घर-घर PNG गैस पहुंचाने की बड़ी योजना शुरू Chhattisgarh-CGD-PNG-Gas-Pipeline-Home-Project
  • छत्तीसगढ़ में CGD योजना के तहत पाइपलाइन से घर-घर PNG गैस पहुंचाने की तैयारी तेज की गई।

  • PNG गैस LPG से लगभग 30% सस्ती, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प मानी जा रही है।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को आधुनिक और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इसके तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) योजना को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, जिसके माध्यम से पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए घर-घर तक प्राकृतिक गैस (PNG) पहुंचाई जाएगी।

इस योजना के तहत शहरों में व्यापक गैस पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जो मुख्य ट्रांसमिशन लाइन से जुड़कर कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों तक गैस आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। उपभोक्ताओं के घरों में मीटर और प्रेशर रेगुलेटर लगाए जाएंगे, जिससे सीधे किचन तक सुरक्षित और निरंतर गैस सप्लाई होगी। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

सरकार ने इस परियोजना के लिए सात भौगोलिक क्षेत्रों को चिन्हित किया है और वर्ष 2030 तक लगभग 42 लाख घरों को PNG कनेक्शन देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही राज्य में करीब 1100 CNG स्टेशन स्थापित करने की योजना भी तैयार की गई है, जिससे परिवहन क्षेत्र में भी स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिलेगा।

हाल ही में मुख्य सचिव स्तर पर इस परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई, जिसमें सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। 25 मार्च 2026 को जारी दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया कि सभी आवश्यक अनुमतियां समय पर दी जाएं और प्रक्रिया को तेज करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी बनाया जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार PNG गैस एलपीजी की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत तक सस्ती हो सकती है। इसके साथ ही यह अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प माना जाता है। पाइपलाइन के माध्यम से लगातार गैस सप्लाई होने से उपभोक्ताओं को सिलेंडर खत्म होने की समस्या से भी राहत मिलेगी। मीटर आधारित बिलिंग प्रणाली से पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

इस योजना के लागू होने से न केवल घरेलू उपयोगकर्ताओं को लाभ मिलेगा, बल्कि उद्योगों को भी सस्ती ऊर्जा उपलब्ध होगी, जिससे उत्पादन लागत में कमी आने की संभावना है। साथ ही यह योजना वायु प्रदूषण को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

यदि यह परियोजना निर्धारित समयसीमा में पूरी होती है, तो यह छत्तीसगढ़ की ऊर्जा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक परिवर्तन साबित हो सकती है, जिससे आम जनता का जीवन अधिक सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बन सकेगा।